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Amethi News: मनुष्य को नहीं करना चाहिए अहंकार
Tue, 04 Mar 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:38 AM IST
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जामों (अमेठी)। मनुष्य का भाग्य उदय होने पर ही श्रीमद्भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त होता है। कथा सुनने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिल जाती है। ये बातें ब्लाॅक क्षेत्र के संभई रामशाहपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन सोमवार को अयोध्या धाम से आए प्रवाचक डाॅ. महीधर शुक्ल ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि अंहकारी को जीवन में कभी भगवान नहीं मिलते हैं। इसलिए मनुष्य को अंहकार नहीं करना चाहिए। मनुष्य को इस भौतिक युग में पेट भरने के लिए भागदौड़ करने के साथ ईश्वर का भजन करने का समय निकालना चाहिए। किसी परेशानी में भगवान को कभी नहीं भूलना चाहिए, बल्कि दुख के बजाय सुख आने पर भी भगवान को याद कर करना चाहिए।
प्रवाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ही मनुष्य को सही मार्ग पर चलना सिखाती है, जिससे मानव जीवन सुखमय हो जाता है। कथा को सुनने से मनुष्य को जाने-अनजाने में किए हुए पाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस अवसर पर यजमान प्रभावती तिवारी, पीके तिवारी, शोभनाथ तिवारी, शत्रुघ्न प्रसाद मिश्र, लालजी तिवारी, रमाशंकर आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि अंहकारी को जीवन में कभी भगवान नहीं मिलते हैं। इसलिए मनुष्य को अंहकार नहीं करना चाहिए। मनुष्य को इस भौतिक युग में पेट भरने के लिए भागदौड़ करने के साथ ईश्वर का भजन करने का समय निकालना चाहिए। किसी परेशानी में भगवान को कभी नहीं भूलना चाहिए, बल्कि दुख के बजाय सुख आने पर भी भगवान को याद कर करना चाहिए।
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प्रवाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ही मनुष्य को सही मार्ग पर चलना सिखाती है, जिससे मानव जीवन सुखमय हो जाता है। कथा को सुनने से मनुष्य को जाने-अनजाने में किए हुए पाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस अवसर पर यजमान प्रभावती तिवारी, पीके तिवारी, शोभनाथ तिवारी, शत्रुघ्न प्रसाद मिश्र, लालजी तिवारी, रमाशंकर आदि मौजूद रहे।
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