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समय से पहले तैयार हो जाएगा मालती नदी का पुल
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27 : संग्रामपुर : मालती नदी में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करते अवर अभियंता। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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संग्रामपुर (अमेठी)। संग्रामपुर स्थित मालती नदी पर चल रहा पुल निर्माण कार्य समय से पहले पूरा हो जाएगा। पुल का निर्माण धीमी गति से चलने की खबर प्रकाशित होने के बाद सीडीओ ने पिछले दिनों कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई थी। सीडीओ की फटकार के बाद कार्यदायी संस्था युद्ध स्तर पर काम पूरा करने में जुटी है। करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही लोग नए पुल से फर्राटा भरते नजर आएंगे।
संग्रामपुर ब्लॉक के कालिकन-विशेषरगंज मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। प्रत्येक सोमवार को माता कालिकन धाम दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में भक्त आते हैं। इसी मार्ग से पड़ोसी जिले प्रतापगढ़ के भक्त भी दर्शन करने आते हैं। ब्लॉक, थाना, सीएचसी और दो इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है। करीब पांच साल से लोग जर्जर पुल से परेशानी झेल रहे हैं।
पांच साल पहले पुराना पुल जर्जर होकर पुल का एक हिस्सा नीचे गिर पड़ा था। इसके चलते इस सड़क से चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया था। वहीं बाइक और साइकिल सवार जान जोखिम में डालकर आवागमन करते थे। लगातार ग्रामीणों की मांग पर पुल टूटने के करीब तीन साल बाद नए पुल की स्वीकृति मिली।
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इस पुल का शिलान्यास 26 दिसंबर 2020 को अमेठी संसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। विभाग ने कार्यदायी संस्था को नौ सितंबर 2022 तक काम पूरा करने की डेडलाइन दी थी। बावजूद इसके शिलान्यास के डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी एक पिलर तक तैयार नहीं हो पाया था।
कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। अमर उजाला ने 27 मार्च 2022 को धीमी गति से चल रहे पुल निर्माण की खबर को प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद सीडीओ अमेठी डॉ. अंकुर लाठर ने कार्यदायी संस्था को जमकर फटकार लगाते हुए समय पर काम पूरा नहीं होने पर ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी थी।
सीडीओ की फटकार के बाद कार्यदायी संस्था ने युद्धस्तर पर पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। मौजूदा समय मे पुल के तीनों पिलर बनकर तैयार हैं। वहीं पुल में स्लैब लगाई जा रही है। पुल का करीब 80 फीसदी काम कार्यदायी संस्था ने पूरा कर दिया है। पुल समय से पहले बनकर तैयार हो जाएगा तो राहगीरों को आवागमन के लिए काफी सहूलियत मिल जाएगी।
गिर कर चोटिल हो रहे राहगीर
नए पुल का निर्माण शुरू होते ही कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माणाधीन पुल के समीप मालती नदी में दो पाइप डालकर बांध बनाकर राहगीरों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया था। वैकल्पिक मार्ग की खस्ता हालत से राहगीर परेशान हैं। एक तरफ ऊंचाई से फिसल कर बाइक सवार व साइकिल सवार आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस वैकल्पिक मार्ग पर चलना भी जोखिम भरा है।
समय से पहले होगा पुल का निर्माण
लोक निर्माण विभाग के जेई अमित पाठक ने बताया कि पुल शिलान्यास के बाद से ही नदी का जलस्तर बढ़ गया था। जिसके चलते पुल निर्माण कार्य कई महीनों तक प्रभावित हुआ था। वहीं जैसे जल स्तर कम हुआ कार्यदायी संस्था ने काम शुरू किया तो दोबारा बेमौसम बारिश हो गई साथ ही नहर का पानी भी नदी में खोल दिया गया था। जिससे चलते काम शुरू नहीं हो पाया था। मौजूदा समय मे 80 फीसदी से ज्यादा का काम पुल का हो गया है। स्लैब डाली जा रही है। समय से पहले यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
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संग्रामपुर ब्लॉक के कालिकन-विशेषरगंज मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। प्रत्येक सोमवार को माता कालिकन धाम दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में भक्त आते हैं। इसी मार्ग से पड़ोसी जिले प्रतापगढ़ के भक्त भी दर्शन करने आते हैं। ब्लॉक, थाना, सीएचसी और दो इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है। करीब पांच साल से लोग जर्जर पुल से परेशानी झेल रहे हैं।
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पांच साल पहले पुराना पुल जर्जर होकर पुल का एक हिस्सा नीचे गिर पड़ा था। इसके चलते इस सड़क से चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया था। वहीं बाइक और साइकिल सवार जान जोखिम में डालकर आवागमन करते थे। लगातार ग्रामीणों की मांग पर पुल टूटने के करीब तीन साल बाद नए पुल की स्वीकृति मिली।
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इस पुल का शिलान्यास 26 दिसंबर 2020 को अमेठी संसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। विभाग ने कार्यदायी संस्था को नौ सितंबर 2022 तक काम पूरा करने की डेडलाइन दी थी। बावजूद इसके शिलान्यास के डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी एक पिलर तक तैयार नहीं हो पाया था।
कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। अमर उजाला ने 27 मार्च 2022 को धीमी गति से चल रहे पुल निर्माण की खबर को प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद सीडीओ अमेठी डॉ. अंकुर लाठर ने कार्यदायी संस्था को जमकर फटकार लगाते हुए समय पर काम पूरा नहीं होने पर ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी थी।
सीडीओ की फटकार के बाद कार्यदायी संस्था ने युद्धस्तर पर पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। मौजूदा समय मे पुल के तीनों पिलर बनकर तैयार हैं। वहीं पुल में स्लैब लगाई जा रही है। पुल का करीब 80 फीसदी काम कार्यदायी संस्था ने पूरा कर दिया है। पुल समय से पहले बनकर तैयार हो जाएगा तो राहगीरों को आवागमन के लिए काफी सहूलियत मिल जाएगी।
गिर कर चोटिल हो रहे राहगीर
नए पुल का निर्माण शुरू होते ही कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माणाधीन पुल के समीप मालती नदी में दो पाइप डालकर बांध बनाकर राहगीरों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया था। वैकल्पिक मार्ग की खस्ता हालत से राहगीर परेशान हैं। एक तरफ ऊंचाई से फिसल कर बाइक सवार व साइकिल सवार आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस वैकल्पिक मार्ग पर चलना भी जोखिम भरा है।
समय से पहले होगा पुल का निर्माण
लोक निर्माण विभाग के जेई अमित पाठक ने बताया कि पुल शिलान्यास के बाद से ही नदी का जलस्तर बढ़ गया था। जिसके चलते पुल निर्माण कार्य कई महीनों तक प्रभावित हुआ था। वहीं जैसे जल स्तर कम हुआ कार्यदायी संस्था ने काम शुरू किया तो दोबारा बेमौसम बारिश हो गई साथ ही नहर का पानी भी नदी में खोल दिया गया था। जिससे चलते काम शुरू नहीं हो पाया था। मौजूदा समय मे 80 फीसदी से ज्यादा का काम पुल का हो गया है। स्लैब डाली जा रही है। समय से पहले यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा।