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Amethi News: प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं
Fri, 20 Dec 2024 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:21 AM IST
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। क्षेत्र के नंदौर गांव में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन प्रवाचक पं. सुभाष पांडेय ने प्रभु श्रीराम व माता सीता के विवाह सहित कई प्रसंगों पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है।
प्रवाचक ने कहा कि रामकथा सुनने से मनुष्य को मुक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। अहंकार और क्रोध के आने पर मनुष्य का विवेक और बल दोनों क्षीण हो जाता है। धनुषभंग का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि स्वयंवर में सभी राजा अपने बल के अहंकार से भरे हुए थे। इसलिए कोई भी राजा धनुष को हिला तक नहीं सका। धनुषभंग के बाद अपनी शक्ति के अहंकार में पहुंचे परशुराम ने अपना प्रभाव दिखाना चाहा। लक्ष्मण ने बार-बार क्रोध दिला कर उनकी शक्ति को नष्ट कर दिया।
कहा कि भाव बिना भक्ति संभव नहीं है। जिस प्रकार भगवान राम का जीवन भाव से भरा है। उसी प्रकार माता सीता भी भक्ति का रूप हैं। इस मौके पर प्रधान जयशंकर दुबे, अवधेश तिवारी, राजेन्द्र शुक्ला, ईश्वर प्रसाद, सुशील, रफीक, राम औतार, राम मिलन आदि उपस्थित रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि रामकथा सुनने से मनुष्य को मुक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। अहंकार और क्रोध के आने पर मनुष्य का विवेक और बल दोनों क्षीण हो जाता है। धनुषभंग का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि स्वयंवर में सभी राजा अपने बल के अहंकार से भरे हुए थे। इसलिए कोई भी राजा धनुष को हिला तक नहीं सका। धनुषभंग के बाद अपनी शक्ति के अहंकार में पहुंचे परशुराम ने अपना प्रभाव दिखाना चाहा। लक्ष्मण ने बार-बार क्रोध दिला कर उनकी शक्ति को नष्ट कर दिया।
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कहा कि भाव बिना भक्ति संभव नहीं है। जिस प्रकार भगवान राम का जीवन भाव से भरा है। उसी प्रकार माता सीता भी भक्ति का रूप हैं। इस मौके पर प्रधान जयशंकर दुबे, अवधेश तिवारी, राजेन्द्र शुक्ला, ईश्वर प्रसाद, सुशील, रफीक, राम औतार, राम मिलन आदि उपस्थित रहे।
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