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Amethi News: आयुध फैक्टरी में आईटीआई छात्र सीखेेंगे रक्षा उत्पादन की तकनीक
Fri, 18 Sep 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:22 AM IST
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राजकीय आईटीआई गौरीगंज। -संवाद
अमेठी सिटी। जिले के आईटीआई विद्यार्थियों को आयुध फैक्टरी प्रोजेक्ट कोरवा में रक्षा उत्पादन की तकनीक और औद्योगिक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। फैक्टरी और राजकीय आईटीआई गौरीगंज के बीच तीन वर्ष के लिए समझौता हुआ है। इसके तहत आठ आईटीआई के टर्नर, फिटर और मशीनिस्ट ट्रेड के प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आठ सितंबर को हुए समझौते के तहत विद्यार्थियों को पहले करीब एक माह की कौशल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें कोरवा इकाई भेजा जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि 15 दिन से तीन माह तक होगी। जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों को दो माह के ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण से भी जोड़ा जा सकेगा। उन्हें फैक्टरी भ्रमण, कार्यशालाओं और परिचयात्मक कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
दो से तीन माह के प्रशिक्षण वाले विद्यार्थियों को पांच रुपये प्रतिदिन की दर से हॉस्टल सुविधा देने का प्रावधान है। एक दिवसीय भ्रमण में विद्यार्थियों और फैकल्टी के लिए लंच व जलपान की व्यवस्था होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई स्टाइपेंड या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा। एमओयू में स्पष्ट है कि प्रशिक्षण रोजगार का अवसर नहीं है और इससे आयुध फैक्टरी में नौकरी की गारंटी नहीं होगी।
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मशीनों पर काम की प्रक्रिया समझेंगे
टर्नर, फिटर और मशीनिस्ट ट्रेड के विद्यार्थी कोरवा इकाई में आधुनिक मशीनों के संचालन, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और औद्योगिक अनुशासन को करीब से समझेंगे। इससे उन्हें किताबी ज्ञान को वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षा नियमों का करना होगा पालन
रक्षा उत्पादन इकाई होने के कारण विद्यार्थियों को निर्धारित क्षेत्रों में ही प्रवेश मिलेगा। गोपनीय और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी बिना लिखित अनुमति साझा नहीं की जा सकेगी।
राजकीय आईटीआई गौरीगंज के प्राचार्य शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि विद्यार्थियों को रक्षा उत्पादन की तकनीक और आधुनिक मशीनों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनके व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी समझ को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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आठ सितंबर को हुए समझौते के तहत विद्यार्थियों को पहले करीब एक माह की कौशल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें कोरवा इकाई भेजा जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि 15 दिन से तीन माह तक होगी। जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों को दो माह के ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण से भी जोड़ा जा सकेगा। उन्हें फैक्टरी भ्रमण, कार्यशालाओं और परिचयात्मक कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
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दो से तीन माह के प्रशिक्षण वाले विद्यार्थियों को पांच रुपये प्रतिदिन की दर से हॉस्टल सुविधा देने का प्रावधान है। एक दिवसीय भ्रमण में विद्यार्थियों और फैकल्टी के लिए लंच व जलपान की व्यवस्था होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई स्टाइपेंड या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा। एमओयू में स्पष्ट है कि प्रशिक्षण रोजगार का अवसर नहीं है और इससे आयुध फैक्टरी में नौकरी की गारंटी नहीं होगी।
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मशीनों पर काम की प्रक्रिया समझेंगे
टर्नर, फिटर और मशीनिस्ट ट्रेड के विद्यार्थी कोरवा इकाई में आधुनिक मशीनों के संचालन, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और औद्योगिक अनुशासन को करीब से समझेंगे। इससे उन्हें किताबी ज्ञान को वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षा नियमों का करना होगा पालन
रक्षा उत्पादन इकाई होने के कारण विद्यार्थियों को निर्धारित क्षेत्रों में ही प्रवेश मिलेगा। गोपनीय और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी बिना लिखित अनुमति साझा नहीं की जा सकेगी।
राजकीय आईटीआई गौरीगंज के प्राचार्य शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि विद्यार्थियों को रक्षा उत्पादन की तकनीक और आधुनिक मशीनों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनके व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी समझ को बढ़ाने में मदद मिलेगी।