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Amethi News: बिना जीएसटी पंजीकरण के भी दें बिल
Tue, 19 May 2026 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 19 May 2026 01:00 AM IST
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अमेठी के श्रीदेवी पाटन मंदिर परिसर स्थित हॉल मेंं अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों के
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अमेठी। श्रीदेवीपाटन मंदिर परिसर स्थित हॉल में सोमवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकरण, सुरक्षा और जाम जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में मौजूद राज्यकर और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों को समस्याओं के समाधान और सहयोग का भरोसा दिया।
उपायुक्त राज्यकर खंड-एक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि छोटे और बड़े सभी व्यापारी जीएसटी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण से व्यापारियों को कई सुविधाएं मिलती हैं। हादसा या आपदा में व्यापारी की मौत होने पर परिजनों को 10 लाख रुपये तक सहायता मिलती है। इसके अलावा माल परिवहन में भी सहूलियत होती है।
उन्होंने बताया कि 40 लाख रुपये से अधिक वार्षिक कारोबार करने वालों के लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है। सेवा और उत्पादन क्षेत्र में यह सीमा 20 लाख रुपये है। समाधान योजना के तहत 1.5 करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले व्यापारी एक प्रतिशत कर देकर कारोबार कर सकते हैं। कहा कि अपंजीकृत व्यापारी भी बिल जरूर दें और बिल बुक पर अपंजीकृत लिखें। इससे वह सुरक्षित रहेंगे।
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सीओ मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा सतर्क है। दुकानों में सीसीटीवी कैमरे जरूर लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम आगे भी होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से व्यापारियों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इस मौके पर गौरव शुक्ल, मंगलेश सोनी, बबलू अग्रवाल, राजेश मोदनवाल, श्याम विश्वास, अशोक शर्मा और अनूप बरनवाल आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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उपायुक्त राज्यकर खंड-एक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि छोटे और बड़े सभी व्यापारी जीएसटी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण से व्यापारियों को कई सुविधाएं मिलती हैं। हादसा या आपदा में व्यापारी की मौत होने पर परिजनों को 10 लाख रुपये तक सहायता मिलती है। इसके अलावा माल परिवहन में भी सहूलियत होती है।
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उन्होंने बताया कि 40 लाख रुपये से अधिक वार्षिक कारोबार करने वालों के लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है। सेवा और उत्पादन क्षेत्र में यह सीमा 20 लाख रुपये है। समाधान योजना के तहत 1.5 करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले व्यापारी एक प्रतिशत कर देकर कारोबार कर सकते हैं। कहा कि अपंजीकृत व्यापारी भी बिल जरूर दें और बिल बुक पर अपंजीकृत लिखें। इससे वह सुरक्षित रहेंगे।
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सीओ मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा सतर्क है। दुकानों में सीसीटीवी कैमरे जरूर लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम आगे भी होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से व्यापारियों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इस मौके पर गौरव शुक्ल, मंगलेश सोनी, बबलू अग्रवाल, राजेश मोदनवाल, श्याम विश्वास, अशोक शर्मा और अनूप बरनवाल आदि व्यापारी मौजूद रहे।