{"_id":"69372a00cd8f378bd80e657e","slug":"innovations-changed-the-face-of-the-school-amethi-news-c-96-1-ame1002-153974-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: नवाचारों से बदली स्कूल की तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: नवाचारों से बदली स्कूल की तस्वीर
Tue, 09 Dec 2025 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:11 AM IST
विज्ञापन
विद्यार्थियों के साथ शिक्षिका बीना सिंह। स्त्रोत : स्वयं
अमेठी सिटी। प्राथमिक विद्यालय लोरिकपुर जामों में शिक्षिका बीना सिंह के प्रयास से बच्चों और अभिभावकों की सोच बदली। सीमित संसाधनों में शुरू किए गए नवाचारों से विद्यालय की स्थिति में सुधार आया और बच्चों की उपस्थिति बढ़ गई।
बीना सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में कार्यभार मिलने पर विद्यालय में 38 बच्चे पंजीकृत थे। अधिकतर बच्चे अनुपस्थित रहते थे और पढ़ाई का माहौल कमजोर था। परिसर साफ-सुथरा नहीं था। उन्होंने अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामसभा क्षेत्र में बच्चों की सहभागिता से स्वच्छता आधारित नुक्कड़ नाटक हुए। इन कार्यक्रमों का प्रभाव बच्चों की आदतों में दिखने लगा।
प्रार्थना समय में स्पीकर आधारित गतिविधियां और प्रोजेक्टर कक्ष में रोचक सामग्री का प्रदर्शन शुरू हुआ। छोटे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी। वर्तमान में 162 बच्चे पंजीकृत हैं। उपस्थिति बढ़कर 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंची। विद्यालय में स्वच्छता सुधारने के लिए इको क्लब बनाया गया। शनिवार को बच्चे और कर्मचारी ग्रामसभा में पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाते हैं। ग्रामीणों को पॉलिथीन कचरे के सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी जाती है।
विज्ञापन
विद्यालय में बालसभा और बाल संसद सक्रिय हैं। बच्चों में जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित हो रही है। परिसर और आसपास की स्वच्छता पर उनका ध्यान बढ़ा। राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में आत्मविश्वास आया। इन प्रस्तुतियों को ग्रामीणों ने सराहा। इस वर्ष निजी विद्यालयों से 17 बच्चों ने प्रवेश लिया। मातृ समूह गतिविधियां, प्रेरक गीत, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता से अभिभावकों का विश्वास बढ़ा। बीना सिंह का प्रयास ग्रामीण शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना हुआ है।
विज्ञापन
बीना सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में कार्यभार मिलने पर विद्यालय में 38 बच्चे पंजीकृत थे। अधिकतर बच्चे अनुपस्थित रहते थे और पढ़ाई का माहौल कमजोर था। परिसर साफ-सुथरा नहीं था। उन्होंने अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामसभा क्षेत्र में बच्चों की सहभागिता से स्वच्छता आधारित नुक्कड़ नाटक हुए। इन कार्यक्रमों का प्रभाव बच्चों की आदतों में दिखने लगा।
विज्ञापन
प्रार्थना समय में स्पीकर आधारित गतिविधियां और प्रोजेक्टर कक्ष में रोचक सामग्री का प्रदर्शन शुरू हुआ। छोटे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी। वर्तमान में 162 बच्चे पंजीकृत हैं। उपस्थिति बढ़कर 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंची। विद्यालय में स्वच्छता सुधारने के लिए इको क्लब बनाया गया। शनिवार को बच्चे और कर्मचारी ग्रामसभा में पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाते हैं। ग्रामीणों को पॉलिथीन कचरे के सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी जाती है।
विज्ञापन
विद्यालय में बालसभा और बाल संसद सक्रिय हैं। बच्चों में जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित हो रही है। परिसर और आसपास की स्वच्छता पर उनका ध्यान बढ़ा। राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में आत्मविश्वास आया। इन प्रस्तुतियों को ग्रामीणों ने सराहा। इस वर्ष निजी विद्यालयों से 17 बच्चों ने प्रवेश लिया। मातृ समूह गतिविधियां, प्रेरक गीत, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता से अभिभावकों का विश्वास बढ़ा। बीना सिंह का प्रयास ग्रामीण शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना हुआ है।