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नहीं बनी सड़कें तो फिर करेंगे श्रमदान
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08 : गौरीगंज : डीएम को ज्ञापन देते विधायक। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग को लेकर काफी समय से आंदोलन कर रहे गौरीगंज विधायक सोमवार को एक बार फिर सड़क पर उतर पड़े। जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे विधायक ने डीएम को ज्ञापन देकर एक माह के अंदर दोनों सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की है। एक माह में सड़कें दुरुस्त नहीं होने पर विधायक नेे दोनों सड़कों पर दोबारा श्रमदान आयोजित करने की चेतावनी दी है। प्रशासन की ओर से रोक लगाने पर कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरना शुरू करने की भी बात कही है।
नौ किलोमीटर लंबे कादूनाला से थौरी व साढ़े पांच किलोमीटर लंबे मुसाफिरखाना से पारा मार्ग की बदहाली को लेकर शुरू हुई रार थमने का नाम नहीं ले रही है। इस दोनों सड़कों के मुद्दे पर विधायक न सिर्फ विधानसभा में प्रश्न कर चुके हैं बल्कि प्राक्कलन समिति का गठन कराकर जांच भी करा चुके हैं।
इस पर भी सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं तो विधायक 31 अक्तूबर को अपने पद से त्यागपत्र, 31 अक्तूबर से तीन नवंबर तक लखनऊ जीपीओ पर बेमियादी धरना, चार अक्तूबर से नौ अक्तूबर तक अनशन व 11 नवंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ सड़क पर श्रमदान कर चुके हैं। श्रमदान को लेकर हुए विवाद के बाद उनके अलावा तीन ज्ञात व सैकड़ों अज्ञात समर्थकों के खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है।
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सोमवार को एक बार फिर विधायक बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन को देकर दोनों सड़कें एक माह में दुरुस्त कराने की मांग की है। एक माह में सड़कें नहीं दुरुस्त होने पर दोबारा श्रमदान करने और प्रशासन द्वारा बलपूर्वक रोकने पर कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर एसपी दिनेश सिंह भी मौजूद रहे।
चल रही कार्यवाही : डीएम
डीएम अरुण कुमार ने कहा कि दोनों सड़कों से जुड़ा पूरा प्रकरण शासन के संज्ञान में है। शासन के आदेश पर दोनों सड़कों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव व डीपीआर भेजा जा चुका है। दोनों सड़कों का निर्माण जल्दी हो सके इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
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नौ किलोमीटर लंबे कादूनाला से थौरी व साढ़े पांच किलोमीटर लंबे मुसाफिरखाना से पारा मार्ग की बदहाली को लेकर शुरू हुई रार थमने का नाम नहीं ले रही है। इस दोनों सड़कों के मुद्दे पर विधायक न सिर्फ विधानसभा में प्रश्न कर चुके हैं बल्कि प्राक्कलन समिति का गठन कराकर जांच भी करा चुके हैं।
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इस पर भी सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं तो विधायक 31 अक्तूबर को अपने पद से त्यागपत्र, 31 अक्तूबर से तीन नवंबर तक लखनऊ जीपीओ पर बेमियादी धरना, चार अक्तूबर से नौ अक्तूबर तक अनशन व 11 नवंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ सड़क पर श्रमदान कर चुके हैं। श्रमदान को लेकर हुए विवाद के बाद उनके अलावा तीन ज्ञात व सैकड़ों अज्ञात समर्थकों के खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है।
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सोमवार को एक बार फिर विधायक बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन को देकर दोनों सड़कें एक माह में दुरुस्त कराने की मांग की है। एक माह में सड़कें नहीं दुरुस्त होने पर दोबारा श्रमदान करने और प्रशासन द्वारा बलपूर्वक रोकने पर कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर एसपी दिनेश सिंह भी मौजूद रहे।
चल रही कार्यवाही : डीएम
डीएम अरुण कुमार ने कहा कि दोनों सड़कों से जुड़ा पूरा प्रकरण शासन के संज्ञान में है। शासन के आदेश पर दोनों सड़कों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव व डीपीआर भेजा जा चुका है। दोनों सड़कों का निर्माण जल्दी हो सके इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।

07 : गौरीगंज : कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते विधायक व उनके समर्थक। -संवाद- फोटो : AMETHI