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Amethi News: पति कंपनी मालिक, पत्नियां ले रहीं मुफ्त अनाज
Tue, 02 Sep 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 02 Sep 2025 12:55 AM IST
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अमेठी सिटी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत मिलने वाला मुफ्त राशन जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय अपात्र लोगों के बीच बंट रहा है। आधार और पैन नंबर से किए गए सॉफ्टवेयर मिलान में बड़ा खेल सामने आया है। जांच में जिले की 826 ऐसी महिलाओं के नाम राशनकार्ड पर दर्ज पाए गए, जिनके पति कंपनियों के मालिक हैं और नियमित रूप से टैक्स अदा कर रहे हैं।
गौरीगंज ब्लॉक के एक गांव की मीना देवी के नाम पर कार्ड संख्या 2751405343 जारी है। वह प्रति माह मुफ्त राशन ले रही हैं, जबकि उनके पति सुशील कुमार कंपनी चला रहे हैं और टैक्स जमा कर रहे हैं। इसी तरह श्यामा देवी के नाम कार्ड संख्या 27514019963 बना है, जबकि उनके पति महेश कंपनी संचालित कर रहे हैं। मायादेवी के नाम कार्ड संख्या 275130170060 जारी हुआ है और उनके पति गोरखनाथ गिरि कंपनी मालिक बताए गए हैं। इसी गांव की बिंदु के नाम पर कार्ड संख्या 275140370737 दर्ज है और पति सौरभ सिंह का नाम भी कंपनी संचालकों की सूची में शामिल है। पूर्ति विभाग के अनुसार यह केवल कुछ उदाहरण हैं। पूरे जिले में ऐसे 826 परिवार चिह्नित किए गए हैं।
सूची सामने आते ही पूर्ति विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार सत्यापन के बाद ऐसे सभी कार्ड निरस्त किए जाएंगे और वास्तविक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाएगा। स्थिति यह है कि जिन गरीब परिवारों को इस योजना से राहत मिलनी चाहिए, वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, अपात्र परिवार महीनों से मुफ्त राशन उठा रहे हैं। विभाग का कहना है कि जल्द ही सभी अपात्रों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा।
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जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत सेन ने बताया कि शासन से मिली सूची के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है। जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
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गौरीगंज ब्लॉक के एक गांव की मीना देवी के नाम पर कार्ड संख्या 2751405343 जारी है। वह प्रति माह मुफ्त राशन ले रही हैं, जबकि उनके पति सुशील कुमार कंपनी चला रहे हैं और टैक्स जमा कर रहे हैं। इसी तरह श्यामा देवी के नाम कार्ड संख्या 27514019963 बना है, जबकि उनके पति महेश कंपनी संचालित कर रहे हैं। मायादेवी के नाम कार्ड संख्या 275130170060 जारी हुआ है और उनके पति गोरखनाथ गिरि कंपनी मालिक बताए गए हैं। इसी गांव की बिंदु के नाम पर कार्ड संख्या 275140370737 दर्ज है और पति सौरभ सिंह का नाम भी कंपनी संचालकों की सूची में शामिल है। पूर्ति विभाग के अनुसार यह केवल कुछ उदाहरण हैं। पूरे जिले में ऐसे 826 परिवार चिह्नित किए गए हैं।
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सूची सामने आते ही पूर्ति विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार सत्यापन के बाद ऐसे सभी कार्ड निरस्त किए जाएंगे और वास्तविक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाएगा। स्थिति यह है कि जिन गरीब परिवारों को इस योजना से राहत मिलनी चाहिए, वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, अपात्र परिवार महीनों से मुफ्त राशन उठा रहे हैं। विभाग का कहना है कि जल्द ही सभी अपात्रों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा।
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जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत सेन ने बताया कि शासन से मिली सूची के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है। जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित कार्ड निरस्त किए जाएंगे।