जगदीशपुर। रायबरेली-अयोध्या हाईवे किनारे सरकारी व निजी अस्पतालों का कचरा रात के अंधेरे में फेंका जा रहा है। सड़क किनारे प्रयोग की गई इंजेक्शन की सीरिंज, पट्टियां, ग्लव्स, बोतलें, पैथोलॉजी लैब से निकला जैविक कचरा आदि पड़ा हुआ है। यह विभागीय लापरवाही को उजागर कर रहा है। स्थानीय निवासी सूर्यकांत पांडेय, राधेश्याम सरोज, रईस, चंद्र गोपाल विश्कर्मा, सीमा शुक्ला आदि ने कहा कि इस कचरे से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कुत्ते गंदा कचरा गांव के भीतर दरवाजे और खेत खलिहानों तक ले जाते हैंं। लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजय कुमार नें बताया कि जिले में कचरा उठाने वाली एजेंसियां नियुक्त हैं। कचरा किसने फेंका है, यह जांच का विषय है।
जांच कराकर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए एजेंसिया नियुक्त की गई हैं। संबंधित एजेंसी काे कचरा उठाने और फेंके गए कचरे की जांच कराने का निर्देश दिया गया है।