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Amethi News: 88 वर्षों के इतिहास में पहली बार महिला संभालेगी अध्यक्ष की कुर्सी
Sat, 15 Apr 2023 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 15 Apr 2023 11:53 PM IST
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नगर पालिका परिषद
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जायस (अमेठी)। जिले की सबसे पुरानी नगर पालिका जायस में पहली बार कोई महिला अध्यक्ष की कुर्सी संभालेगी। गौरतलब होगा कि इस नगर पालिका का इतिहास 88 वर्ष पुराना है।प्रख्यात कवि मलिक मोहम्मद जायसी की जन्मस्थली व गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली जायस को 1935 में नगर पंचायत और 1982 में नगर पालिका का दर्जा मिला था। नगर पालिका बनने के बाद से यहां छह लोग नपा. अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। इनमें कोई महिला शामिल नहीं है।
मौजूदा चुनाव के लिए नगर पालिका जायस में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। टाउन एरिया व नगर पालिका जायस के 88 वर्षों के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। अनुसूचित जाति महिला अध्यक्ष पद पर भाजपा और कांग्रेस से टिकट पाने की प्रत्याशियों में होड़ लगी है। सपा तीसरे नंबर पर प्रत्याशियों की पसंद है। यहां 25 वार्डों में करीब 33 हजार मतदाता 11 मई को दूसरे चरण में होने वाले चुनाव में मतदान कर अपना प्रथम नागरिक चुनेंगे।
इनसेट
नहीं हुआ मानक के अनुरूप विकास
सबसे पुरानी नगर पालिका होने के बावजूद जायस नगर का अपेक्षित विकास है। जायस में बस अड्डा भवन के नाम पर एक बोर्ड पेड़ पर टंगा हुआ है।
1962 की बनी पानी की टंकी से आज भी लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। शिक्षा के नाम पर अध्यापक विहीन एक राजकीय इंटर कॉलेज, दूसरा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ही है। जायस एक ऐसा नगर है जहां उच्च शिक्षा के लिए एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है। केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का बोर्ड दो-दो बार नगर के चौराहों पर टंगा, लेकिन नतीजा शून्य निकला। आईटीआई व राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा भवन विहीन होने के कारण जायस से कहीं अन्यत्र स्थापित कर दिया है। राजकीय महिला चिकित्सालय, पीपी सेंटर में वर्षों से महिला डॉक्टर और स्टॉफ की तैनाती नहीं हुई। नतीजे में वहां आज भी ताला लटक रहा है।
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नगर में सीएचसी के नाम से भूमि अधिग्रहण होने के बावजूद सीएचसी का निर्माण नहीं हो सका है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जायस अभी तक सरकारी अभिलेखों में देहात क्षेत्र में दर्ज है। ऐसे में नगर पालिका का सीमा विस्तार होने के बावजूद नगर के विकास में रुकावट ही है।
प्रस्ताव भेजा जाएगा
नगर पालिका परिषद जायस के ईओ रवींद्र मोहन का कहना है की नए बोर्ड के गठन के बाद जायस की तरक्की का खाका तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
अब तक चुने गए नगर पालिका अध्यक्ष
मोहम्मद असगर जायसी राम अवतार
रामनारायण कनौजिया
राजेंद्र कुमार
रामनारायण कनौजिया
महेश प्रताप सोनकर
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मौजूदा चुनाव के लिए नगर पालिका जायस में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। टाउन एरिया व नगर पालिका जायस के 88 वर्षों के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। अनुसूचित जाति महिला अध्यक्ष पद पर भाजपा और कांग्रेस से टिकट पाने की प्रत्याशियों में होड़ लगी है। सपा तीसरे नंबर पर प्रत्याशियों की पसंद है। यहां 25 वार्डों में करीब 33 हजार मतदाता 11 मई को दूसरे चरण में होने वाले चुनाव में मतदान कर अपना प्रथम नागरिक चुनेंगे।
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नहीं हुआ मानक के अनुरूप विकास
सबसे पुरानी नगर पालिका होने के बावजूद जायस नगर का अपेक्षित विकास है। जायस में बस अड्डा भवन के नाम पर एक बोर्ड पेड़ पर टंगा हुआ है।
1962 की बनी पानी की टंकी से आज भी लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। शिक्षा के नाम पर अध्यापक विहीन एक राजकीय इंटर कॉलेज, दूसरा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ही है। जायस एक ऐसा नगर है जहां उच्च शिक्षा के लिए एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है। केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का बोर्ड दो-दो बार नगर के चौराहों पर टंगा, लेकिन नतीजा शून्य निकला। आईटीआई व राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा भवन विहीन होने के कारण जायस से कहीं अन्यत्र स्थापित कर दिया है। राजकीय महिला चिकित्सालय, पीपी सेंटर में वर्षों से महिला डॉक्टर और स्टॉफ की तैनाती नहीं हुई। नतीजे में वहां आज भी ताला लटक रहा है।
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नगर में सीएचसी के नाम से भूमि अधिग्रहण होने के बावजूद सीएचसी का निर्माण नहीं हो सका है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जायस अभी तक सरकारी अभिलेखों में देहात क्षेत्र में दर्ज है। ऐसे में नगर पालिका का सीमा विस्तार होने के बावजूद नगर के विकास में रुकावट ही है।
प्रस्ताव भेजा जाएगा
नगर पालिका परिषद जायस के ईओ रवींद्र मोहन का कहना है की नए बोर्ड के गठन के बाद जायस की तरक्की का खाका तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
अब तक चुने गए नगर पालिका अध्यक्ष
मोहम्मद असगर जायसी राम अवतार
रामनारायण कनौजिया
राजेंद्र कुमार
रामनारायण कनौजिया
महेश प्रताप सोनकर