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बारिश ने कर जनजीवन दिया बेहाल
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12 : भेटुआ : मड़ेरिका गांव में बरसात के बाद हुए जलभराव में आवागमन करते ग्रामीण। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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परतोष (अमेठी)। सप्ताह भर बाद दोबारा हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों की समस्या बढ़ा दी है। ब्लॉक भेटुआ क्षेत्र के मड़ेरिका गांव में बीते कई दिनों से बारिश का भरा पानी अभी तक निकला भी नहीं था कि दोबारा बारिश ने हालात और खराब कर दिए। अब पानी लोगों के घरों तक भर गया है। ग्रामीण मजबूरन पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार उदासीन हैं।
अतिवृष्टि से जिले में जनजीवन प्रभावित है। कहीं गांवों में लोगों के घरों तक पानी भरा है तो सीवान आज भी जलमग्न हैं। ऐसे में लोगों के कच्चे मकान सीलन पाकर गिर रहे हैं। सीवान में डूबी फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। कई दिनों में गांवों में जलभराव होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
बृहस्पतिवार रात से दोबारा हुई मूसलाधार बारिश का पानी भेटुआ ब्लॉक के मड़ेरिका गांव में लोगों के घरों तक भर गया है। स्थिति यह हो गई है कि गांव के लोगों को पानी के बीच से होकर आना जाना पड़ा रहा है। ग्रामीण रामबली कश्यप, अशोक सिंह, आशा, सावित्री, अनुज, राजेंद्र, लल्लू कश्यप व दशरथ कश्यप के अुनसार 18 सितंबर को अमेठी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर बारिश का पानी घरों में घुसने की सूचना दी गई।
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शिकायती पत्र में गांव के किनारे नाला जाम होने से जलभराव होने की वजह भी बताई गई थी। इसके बाद 20 सितंबर को राजस्व कर्मी व ग्राम पंचायत अधिकारी मनीष कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर आधी-अधूरी सफाई कराकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी। जाम नाले को पूरी से साफ नहीं करने की वजह से समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने डीएम अरुण कुमार से जगह-जगह जाम नाले को पूरी तरह से साफ कराते हुए समस्या का निदान कराने की मांग की है।
जलभराव की चपेट में कई स्कूल
जामो। क्षेत्र मेें हुई भीषण बारिश से कई स्कूल आज भी जलभराव की चपेट में हैं। प्राथमिक विद्यालय जनापुर, पूरे बाबा राम दयाल, पूरे चितई, बसंतपुर, कपासी व गौतमपुर प्राथमिक विद्यालय परिसर जलभराव की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
बच्चे तमाम मुश्किलों के बाद विद्यालय पहुंच पा रहे हैं। गनीमत इतनी है कि स्कूल के कक्षा कक्ष में पानी नहीं भरा है। हालांकि स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों व शिक्षकों को पानी के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग तथा प्रशासनिक अफसरों से स्कूलों के पास हुए जलभराव की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की है। (संवाद)
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अतिवृष्टि से जिले में जनजीवन प्रभावित है। कहीं गांवों में लोगों के घरों तक पानी भरा है तो सीवान आज भी जलमग्न हैं। ऐसे में लोगों के कच्चे मकान सीलन पाकर गिर रहे हैं। सीवान में डूबी फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। कई दिनों में गांवों में जलभराव होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
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बृहस्पतिवार रात से दोबारा हुई मूसलाधार बारिश का पानी भेटुआ ब्लॉक के मड़ेरिका गांव में लोगों के घरों तक भर गया है। स्थिति यह हो गई है कि गांव के लोगों को पानी के बीच से होकर आना जाना पड़ा रहा है। ग्रामीण रामबली कश्यप, अशोक सिंह, आशा, सावित्री, अनुज, राजेंद्र, लल्लू कश्यप व दशरथ कश्यप के अुनसार 18 सितंबर को अमेठी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर बारिश का पानी घरों में घुसने की सूचना दी गई।
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शिकायती पत्र में गांव के किनारे नाला जाम होने से जलभराव होने की वजह भी बताई गई थी। इसके बाद 20 सितंबर को राजस्व कर्मी व ग्राम पंचायत अधिकारी मनीष कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर आधी-अधूरी सफाई कराकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी। जाम नाले को पूरी से साफ नहीं करने की वजह से समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने डीएम अरुण कुमार से जगह-जगह जाम नाले को पूरी तरह से साफ कराते हुए समस्या का निदान कराने की मांग की है।
जलभराव की चपेट में कई स्कूल
जामो। क्षेत्र मेें हुई भीषण बारिश से कई स्कूल आज भी जलभराव की चपेट में हैं। प्राथमिक विद्यालय जनापुर, पूरे बाबा राम दयाल, पूरे चितई, बसंतपुर, कपासी व गौतमपुर प्राथमिक विद्यालय परिसर जलभराव की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
बच्चे तमाम मुश्किलों के बाद विद्यालय पहुंच पा रहे हैं। गनीमत इतनी है कि स्कूल के कक्षा कक्ष में पानी नहीं भरा है। हालांकि स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों व शिक्षकों को पानी के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग तथा प्रशासनिक अफसरों से स्कूलों के पास हुए जलभराव की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की है। (संवाद)