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Amethi News: मुआवजा घोटाले की सुनवाई अब लखनऊ मंडलायुक्त कोर्ट में
Mon, 06 Nov 2023 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 06 Nov 2023 12:49 AM IST
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जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा, पत्रावलियों को भेजने की तैयारी तेज
संवाद न्यूज एजेंसीअमेठी। राष्ट्रीय राजमार्ग-56 बाईपास से जुड़े आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) वाद के मामले की सुनवाई अब लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त के न्यायालय में होगी। अभी तक इससे जुड़े मामलों की सुनवाई डीएम अमेठी के न्यायालय पर हो रही थी। बीते दिनों दो मामलों में 9.81 करोड़ की रिकवरी का आदेश दिया गया है।
एनएच-56 से जुड़े दो बाईपास के निर्माण के लिए वर्ष 2015 में भूमि अधिग्रहण किया गया था। किसानों के जमीन के मुआवजा में धांधली का मामला सामने आया था। एनएचएआई ने 25 नवंबर 2022 को 30 गांवों में किसानों को किए गए भुगतान को संशोधित करने के लिए ऑबिट्रेटर कोर्ट में केस दायर किया था।
मामले में डीएम ने जांच कराई तो 382 करोड़ रुपए अधिक मुआवजा बांट देने की बात सामने आई। जिसके क्रम में डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर कार्रवाई हो रही है। ऑबिट्रेशन वाद पर सुनवाई करते हुए डीएम ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी की थी। दो गांवों मंगरौरा और दुलारी नगर के वाद पर निर्णय देते हुए किसानों से 9.81 करोड़ रुपए की वसूली का आदेश निर्गत किया था।
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प्रकरण में एक किसान रामबली ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। कहा गया था कि डीएम ने पहले शासन को यह अवगत कराया है कि मुआवजा का निर्धारण गलत तरीके से किया है। ऐसे में वहां से ऑबिट्रेशन का निर्णय पारदर्शी तरीके से होना संभव नहीं है। उनकी अपील पर हाईकोर्ट ने एनएच के ऑर्बिट्रेशन से जुड़े सभी मुकदमों को मंडलायुक्त लखनऊ कोर्ट ट्रांसफर करने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर शुक्ल का कहना है कि उच्च न्यायालय का आदेश मिला है। पत्रावली भेजने की कार्रवाई की जा रही है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने इसकी पुष्टि की है।
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संवाद न्यूज एजेंसीअमेठी। राष्ट्रीय राजमार्ग-56 बाईपास से जुड़े आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) वाद के मामले की सुनवाई अब लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त के न्यायालय में होगी। अभी तक इससे जुड़े मामलों की सुनवाई डीएम अमेठी के न्यायालय पर हो रही थी। बीते दिनों दो मामलों में 9.81 करोड़ की रिकवरी का आदेश दिया गया है।
एनएच-56 से जुड़े दो बाईपास के निर्माण के लिए वर्ष 2015 में भूमि अधिग्रहण किया गया था। किसानों के जमीन के मुआवजा में धांधली का मामला सामने आया था। एनएचएआई ने 25 नवंबर 2022 को 30 गांवों में किसानों को किए गए भुगतान को संशोधित करने के लिए ऑबिट्रेटर कोर्ट में केस दायर किया था।
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मामले में डीएम ने जांच कराई तो 382 करोड़ रुपए अधिक मुआवजा बांट देने की बात सामने आई। जिसके क्रम में डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर कार्रवाई हो रही है। ऑबिट्रेशन वाद पर सुनवाई करते हुए डीएम ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी की थी। दो गांवों मंगरौरा और दुलारी नगर के वाद पर निर्णय देते हुए किसानों से 9.81 करोड़ रुपए की वसूली का आदेश निर्गत किया था।
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प्रकरण में एक किसान रामबली ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। कहा गया था कि डीएम ने पहले शासन को यह अवगत कराया है कि मुआवजा का निर्धारण गलत तरीके से किया है। ऐसे में वहां से ऑबिट्रेशन का निर्णय पारदर्शी तरीके से होना संभव नहीं है। उनकी अपील पर हाईकोर्ट ने एनएच के ऑर्बिट्रेशन से जुड़े सभी मुकदमों को मंडलायुक्त लखनऊ कोर्ट ट्रांसफर करने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर शुक्ल का कहना है कि उच्च न्यायालय का आदेश मिला है। पत्रावली भेजने की कार्रवाई की जा रही है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने इसकी पुष्टि की है।