{"_id":"620c0003f4d54147f00a10a7","slug":"gram-panchayat-office-operate-from-home-amethi-news-lko6179889174","type":"story","status":"publish","title_hn":"सचिवालय की दरकार, घरों से चल रही गांव की सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सचिवालय की दरकार, घरों से चल रही गांव की सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संग्रामपुर (अमेठी)। गांवों में मिनी सचिवालय तैयार करने का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसे में ब्लॉकों में अब तक कई सचिवालय आधे अधूरे पड़े हैं। कहीं उपले पाथे जा रहे हैं तो कहीं मिट्टी का ढेर लगा है। लेकिन मजदूर नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में गांवों की सरकार प्रधान के घरों में चल रही है। ग्रामीणों को भी अपने जरूरी कामकाज के लिए ग्राम प्रधान के घरों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के सभी जरूरी सरकारी काम एक ही छत के नीचे हो सकें, इसके लिए मिनी सचिवालय बनाए जाने थे। यहां ग्रामीणों को आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा दी जानी थी। इसके अलावा इन्हीं सचिवालय में ग्राम पंचायत के अधिकारियों को बैठना था और पंचायत की बैठकें भी यहीं होनी थीं। संग्रामपुर विकास खंड की बात करें तो यहां पर 37 ग्राम पंचायत हैं। ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों में नए सिरे से पंचायत भवनों का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, इनमें से कई भवन अभी अधूरे पड़े हैं। कुछ गांवों में भवन बने भी हैं।
कई गांवों में सामुदायिक केंद्रों और अंबेडकर भवनों का ही रंग रोगन कर मिनी सचिवालय में तब्दील करने की कवायद शुरू की गई है। ब्लॉक के इटौरी व चंडेरिया गांव में पंचायत भवन अधूरे पड़े हैं। किसी में काम चल रहा तो किसी में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण अपने आवश्यक कार्यों के लिए ब्लॉक कार्यालय और प्रधान के घरों के चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में तेजी लानी चाहिए, जिससे उनकी दिक्कतें दूर हो सकें।
विज्ञापन
जल्द पूरा होगा निर्माण
बीडीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अधिकांश गांवों में पंचायत भवन तैयार हो गए हैं। पंचायत सहायक की नियुक्ति भी हो चुकी है। जिन गांवों में भवनों के काम अधूरे पड़े हैं। उन्हें भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों के सभी जरूरी सरकारी काम एक ही छत के नीचे हो सकें, इसके लिए मिनी सचिवालय बनाए जाने थे। यहां ग्रामीणों को आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा दी जानी थी। इसके अलावा इन्हीं सचिवालय में ग्राम पंचायत के अधिकारियों को बैठना था और पंचायत की बैठकें भी यहीं होनी थीं। संग्रामपुर विकास खंड की बात करें तो यहां पर 37 ग्राम पंचायत हैं। ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों में नए सिरे से पंचायत भवनों का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, इनमें से कई भवन अभी अधूरे पड़े हैं। कुछ गांवों में भवन बने भी हैं।
विज्ञापन
कई गांवों में सामुदायिक केंद्रों और अंबेडकर भवनों का ही रंग रोगन कर मिनी सचिवालय में तब्दील करने की कवायद शुरू की गई है। ब्लॉक के इटौरी व चंडेरिया गांव में पंचायत भवन अधूरे पड़े हैं। किसी में काम चल रहा तो किसी में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण अपने आवश्यक कार्यों के लिए ब्लॉक कार्यालय और प्रधान के घरों के चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में तेजी लानी चाहिए, जिससे उनकी दिक्कतें दूर हो सकें।
विज्ञापन
जल्द पूरा होगा निर्माण
बीडीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अधिकांश गांवों में पंचायत भवन तैयार हो गए हैं। पंचायत सहायक की नियुक्ति भी हो चुकी है। जिन गांवों में भवनों के काम अधूरे पड़े हैं। उन्हें भी जल्द पूरा कराया जाएगा।