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सिंहपुर की चार सड़कों को पहचान का संकट
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सिंहपुर (अमेठी)। सिंहपुर क्षेत्र की चार महत्वपूर्ण सड़कों के पहचान कोड नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते करीब 15 साल से अधिक से इन सड़कों की मरम्मत, पीसीसी और नवीनीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। शेखन गांव वतिया संपर्क मार्ग, गोपालपुर संपर्क मार्ग, मोक्षेश्वरी जेहटा संपर्क मार्ग, पंडूरा खरांवा मार्ग ऐसे लिंक मार्ग हैं, जिनके पहचान कोड ही नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते इन मार्गों की मरम्मत या नवीनीकरण कुछ भी नहीं हो पा रहा है।
इन्हौना महराजगंज मार्ग से महेशपुर गांव से निकलने वाला गोपालपुर मार्ग 1995- 96 में 1200 मीटरम मार्ग का निर्माण हुआ था। बीच में एक बार उपरोक्त मार्ग का नवीनीकरण भी हुआ था, लेकिन 2010 में जनपद बदलने के बाद से जब नवसृजित जनपद अमेठी में आने के बाद गोपालपुर मार्ग का पीडब्ल्यूडी विभाग से कोड ही लापता हो गया।
कठौरा सेमरौता मार्ग से शेखन गांव से निकलने वाला वतिया संपर्क मार्ग, जिसकी लंबाई 2.5 किमी है और इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2004-05 में हुआ था। इस मार्ग के नवीनीकरण का जब समय आया तो जनपद बदल गया और इस मार्ग का नवीनीकरण भी अधर में लटक गया। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग का भी पहचान कोड विभाग में नहीं है।
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खरांवा से पंडूरा मार्ग जिसकी लंबाई 1.600 किमी. है। इस मार्ग का निर्माण भी वर्ष 2004-05 में हुआ था, परंतु दुबारा जब नवीनीकरण का मौका आया तो रायबरेली जनपद से गांव अमेठी जनपद में आ गया। लेकिन मार्ग का नवीनीकरण नहीं हो सका। यही हाल मोक्षेश्वरी जेहटा मार्ग का है जिसकी लंबाई एक किमी. है और यह मार्ग भी बारह से तेरह वर्ष पहले बना था लेकिन मार्ग की मरम्मत व नवीनीकरण इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि मार्ग का पहचान कोड ही नही मिल पा रहा है।
क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण को जब सड़कों के जर्जर होने की जानकारी हुई तो उन्होंने विभाग से पत्राचार किया। तब पता चला कि इस मार्ग का पहचान कोड ही पीडब्ल्यूडी विभाग में नहीं है। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता डीके गंगवार ने बताया कि सिंहपुर क्षेत्र की हर खराब सड़क पर हमारी नजर है और जितनी सड़कें पीडब्ल्यूडी में कोड के साथ सूचीबद्ध हैं, उनका क्रमवार पैच मरम्मत और रिन्यूअल का कार्य कराया जा रहा है। लेकिन इन चार सड़कों के कोड नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में इन मार्गों की मरम्मत/नवीनीकरण कार्य पीडब्ल्यूडी चाहकर नहीं करा सकता।
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इन्हौना महराजगंज मार्ग से महेशपुर गांव से निकलने वाला गोपालपुर मार्ग 1995- 96 में 1200 मीटरम मार्ग का निर्माण हुआ था। बीच में एक बार उपरोक्त मार्ग का नवीनीकरण भी हुआ था, लेकिन 2010 में जनपद बदलने के बाद से जब नवसृजित जनपद अमेठी में आने के बाद गोपालपुर मार्ग का पीडब्ल्यूडी विभाग से कोड ही लापता हो गया।
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कठौरा सेमरौता मार्ग से शेखन गांव से निकलने वाला वतिया संपर्क मार्ग, जिसकी लंबाई 2.5 किमी है और इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2004-05 में हुआ था। इस मार्ग के नवीनीकरण का जब समय आया तो जनपद बदल गया और इस मार्ग का नवीनीकरण भी अधर में लटक गया। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग का भी पहचान कोड विभाग में नहीं है।
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खरांवा से पंडूरा मार्ग जिसकी लंबाई 1.600 किमी. है। इस मार्ग का निर्माण भी वर्ष 2004-05 में हुआ था, परंतु दुबारा जब नवीनीकरण का मौका आया तो रायबरेली जनपद से गांव अमेठी जनपद में आ गया। लेकिन मार्ग का नवीनीकरण नहीं हो सका। यही हाल मोक्षेश्वरी जेहटा मार्ग का है जिसकी लंबाई एक किमी. है और यह मार्ग भी बारह से तेरह वर्ष पहले बना था लेकिन मार्ग की मरम्मत व नवीनीकरण इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि मार्ग का पहचान कोड ही नही मिल पा रहा है।
क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण को जब सड़कों के जर्जर होने की जानकारी हुई तो उन्होंने विभाग से पत्राचार किया। तब पता चला कि इस मार्ग का पहचान कोड ही पीडब्ल्यूडी विभाग में नहीं है। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता डीके गंगवार ने बताया कि सिंहपुर क्षेत्र की हर खराब सड़क पर हमारी नजर है और जितनी सड़कें पीडब्ल्यूडी में कोड के साथ सूचीबद्ध हैं, उनका क्रमवार पैच मरम्मत और रिन्यूअल का कार्य कराया जा रहा है। लेकिन इन चार सड़कों के कोड नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में इन मार्गों की मरम्मत/नवीनीकरण कार्य पीडब्ल्यूडी चाहकर नहीं करा सकता।