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Amethi News: पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने दाखिल की सरेंडर अर्जी
Thu, 04 May 2023 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 04 May 2023 11:44 PM IST
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गौरीगंज (अमेठी)। जगदीशपुर के अशफाक हत्याकांड के आरोपी को हाईकोर्ट से मिली जमानत को पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। आरोपी को स्वयं सरेंडर करने का आदेश दिया था। बृहस्पतिवार को उन्होंने सरेंडर अर्जी दाखिल की। एडीजे सप्तम ने पुलिस को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सत्यापन कराते हुए सुनवाई के लिए आठ मई की तिथि नियत की है।
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनपुर कला में आपसी विवाद को लेकर वर्ष 2018 में विजया बैंक के पास अशफाक अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिता अंसार अहमद की तहरीर पर पुलिस ने जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह समेत कई पर हत्या का केस दर्ज किया था। पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सुभाष यादव की जमानत सेशन कोर्ट से खारिज हो गई थी। बाद में हाईकोर्ट लखनऊ की बेंच ने जमानत दे दी थी। मृतक के पिता अंसार अहमद ने हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। वर्तमान में यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश पंचम की कोर्ट में विचाराधीन है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट ने जमानत पर रिहा आरोपी को आत्म समर्पण करने और विचारण न्यायालय को मुकदमे का निस्तारण एक साल में करने का आदेश पारित किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बृहस्पतिवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख आत्म समर्पण की अर्जी लेकर कोर्ट में पहुंचे थे।
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जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनपुर कला में आपसी विवाद को लेकर वर्ष 2018 में विजया बैंक के पास अशफाक अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिता अंसार अहमद की तहरीर पर पुलिस ने जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह समेत कई पर हत्या का केस दर्ज किया था। पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सुभाष यादव की जमानत सेशन कोर्ट से खारिज हो गई थी। बाद में हाईकोर्ट लखनऊ की बेंच ने जमानत दे दी थी। मृतक के पिता अंसार अहमद ने हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। वर्तमान में यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश पंचम की कोर्ट में विचाराधीन है।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट ने जमानत पर रिहा आरोपी को आत्म समर्पण करने और विचारण न्यायालय को मुकदमे का निस्तारण एक साल में करने का आदेश पारित किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बृहस्पतिवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख आत्म समर्पण की अर्जी लेकर कोर्ट में पहुंचे थे।
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