{"_id":"6760797aae9e6e23af04a2c4","slug":"flood-like-situation-in-gunnaur-even-after-24-hours-amethi-news-c-96-1-ame1002-131373-2024-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: गुन्नौर में 24 घंटे बाद भी बाढ़ जैसे हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: गुन्नौर में 24 घंटे बाद भी बाढ़ जैसे हालात
Tue, 17 Dec 2024 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 17 Dec 2024 12:33 AM IST
विज्ञापन
मुसाफिरखाना के गुन्नौर गांव में हुआ जलभराव। -संवाद
मुसाफिरखाना (अमेठी)। गुन्नौर गांव में माइनर की पटरी बंध जाने के बाद भी गांव में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। अधिकतर खेतों से पानी निकल गया है, लेकिन गांव की गलियों में पानी भरा है। गांव के तालाब भी लबालब हैं।
शनिवार की रात गुन्नौर माइनर की पटरी कट गई थी। इससे करीब 20 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। कुछ लोगों के घरों में भी पानी घुस गया था। सिंचाई विभाग ने रविवार की दोपहर पटरी को बंधवा दिया था, लेकिन 24 घंटे बाद भी गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। गांव के राम प्रकाश की पशुशाला में पानी भरा है। इसी में चारा काटने की मशीन भी है। पशुशाला में पानी भरा होने से चारा काटना मुश्किल हो गया है।
रोघई के घर के पास का हैंडपंप पानी में डूबा हुआ है, जिसके चलते लोगों को वहां तक पहुंचने के लिए पानी में घुसना पड़ रहा है। कमोबेश यही हाल फसलों का है। अधिकतर खेतों से पानी निकल गया है, जबकि कुछ में जलभराव की स्थिति बनी है। ग्रामीण प्रदीप सिंह ने बताया कि खेतों में भरे पानी को सूखने में कुछ वक्त लगेगा। खेतों में पानी भरे रहने से फसलों को नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार की रात गुन्नौर माइनर की पटरी कट गई थी। इससे करीब 20 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। कुछ लोगों के घरों में भी पानी घुस गया था। सिंचाई विभाग ने रविवार की दोपहर पटरी को बंधवा दिया था, लेकिन 24 घंटे बाद भी गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। गांव के राम प्रकाश की पशुशाला में पानी भरा है। इसी में चारा काटने की मशीन भी है। पशुशाला में पानी भरा होने से चारा काटना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
रोघई के घर के पास का हैंडपंप पानी में डूबा हुआ है, जिसके चलते लोगों को वहां तक पहुंचने के लिए पानी में घुसना पड़ रहा है। कमोबेश यही हाल फसलों का है। अधिकतर खेतों से पानी निकल गया है, जबकि कुछ में जलभराव की स्थिति बनी है। ग्रामीण प्रदीप सिंह ने बताया कि खेतों में भरे पानी को सूखने में कुछ वक्त लगेगा। खेतों में पानी भरे रहने से फसलों को नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन