{"_id":"5eb821868ebc3e90470cf519","slug":"five-people-walked-900-kilometers-on-foot-amethi-news-lko5210244141","type":"story","status":"publish","title_hn":"900 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचे पांच लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
900 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचे पांच लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी। लॉकडाउन में प्रतिदिन अविश्वसनीय मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को भी ऐसा ही एक मामला जगदीशपुर में सामने आया। इस मामले में एक युवती अपनी तीन वर्षीय बच्ची व तीन भाइयों के साथ 900 किलोमीटर पैदल यात्रा कर गांव पहुंची। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उन्हें होम क्वारंटीन करवा दिया है।
जगदीशपुर थाने के गांव बड़ौली निवासी अस्तुल निशा लॉकडाउन के दौरान इंदौर में फंस गई थी। अस्तुल निशा के साथ उसका सगा भाई सुलेमान व दो चचेरे भाई इकराम व सद्दाम भी इंदौर में फंसे थे। लॉकडाउन के दौरान कुछ दिन तक किसी तरह गुजारा करने के बाद अस्तुल निशा अपनी तीन साल की बच्ची व तीनों भाईयों के साथ पैदल घर के लिए निकल पड़ी।
पुलिस की रोक टोक से बचने के लिए महिला ने अपनी बच्ची व भाइयों के साथ खेत मेड़ से होते हुए 900 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया। सभी लोग शनिवार रात अपने घर पहुंचे। घर पर एक साथ सभी को देख उनके परिवारीजनों की आंखें भर आईं।
विज्ञापन
रविवार सुबह मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार मुसाफिरखाना पल्लवी सिंह गांव पहुंचीं और अपने सामने सभी को सीएचसी ले जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। परीक्षण में महिला व मासूम के साथ तीनों युवक फिलहाल स्वस्थ पाए गए।
तहसीलदार पल्लवी सिंह ने महिला व युवकों को मास्क, सैनिटाइजर व राशन किट देकर होम क्वारंटीन कराया। तहसीलदार ने युवती से किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल फोन पर सूचित करने को कहा है।
विज्ञापन
जगदीशपुर थाने के गांव बड़ौली निवासी अस्तुल निशा लॉकडाउन के दौरान इंदौर में फंस गई थी। अस्तुल निशा के साथ उसका सगा भाई सुलेमान व दो चचेरे भाई इकराम व सद्दाम भी इंदौर में फंसे थे। लॉकडाउन के दौरान कुछ दिन तक किसी तरह गुजारा करने के बाद अस्तुल निशा अपनी तीन साल की बच्ची व तीनों भाईयों के साथ पैदल घर के लिए निकल पड़ी।
विज्ञापन
पुलिस की रोक टोक से बचने के लिए महिला ने अपनी बच्ची व भाइयों के साथ खेत मेड़ से होते हुए 900 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया। सभी लोग शनिवार रात अपने घर पहुंचे। घर पर एक साथ सभी को देख उनके परिवारीजनों की आंखें भर आईं।
विज्ञापन
रविवार सुबह मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार मुसाफिरखाना पल्लवी सिंह गांव पहुंचीं और अपने सामने सभी को सीएचसी ले जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। परीक्षण में महिला व मासूम के साथ तीनों युवक फिलहाल स्वस्थ पाए गए।
तहसीलदार पल्लवी सिंह ने महिला व युवकों को मास्क, सैनिटाइजर व राशन किट देकर होम क्वारंटीन कराया। तहसीलदार ने युवती से किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल फोन पर सूचित करने को कहा है।