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सूर्यकुंड में गंदगी से सैकड़ों मछलियां मरीं
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35 : संग्रामपुर : कालिकनधाम स्थित सगरा में मृत पड़ी मछलियां। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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संग्रामपुर (अमेठी)। कालिकन धाम में बने सूर्यकुंड में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां पानी में उतराती मिलीं। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन को इसकी सूचना दी। स्थानीय लोगों ने कुंड से मरी मछलियों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा मछलियों के मरने की वजह कुंड में गंदगी और ऑक्सीजन की कमी बताई जा रही हैं।
माता कालिकन धाम मंदिर में दर्शन से पूर्व श्रद्धालु यहां स्थित सूर्यकुंड में स्नान करते हैं। कई श्रद्धालु सागरे में मौजूद मछलियों को दाना डालकर उनकी सेवा करते हैं। बृहस्पतिवार को मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में बड़ी संख्या में मरी मछलियां देखी तो इसकी सूचना मंदिर प्रशासन को दी।
आसपास के बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटने लगे। कुछ देर बाद लोगों द्वारा मरी हुई मछलियों को बाहर निकालना शुरू किया। मंदिर के मुख्य पुजारी श्री महराज ने बताया कि कुंड की सफाई काफी दिन से नहीं कराई जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया बावजूद इसके किसी भी जिम्मेदार ने कुंड की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
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पहले भी मर चुकीं मछलियां
कालिकन धाम में स्थित सूर्य कुंड में मछलियों के मरने का सिलसिला नया नहीं है। बीते सालों में कई बार संदिग्ध परिस्थितियों में कुंड में मछलियां मृत मिली हैं। दो जुलाई 2018 को सूर्य कुंड के पानी के ऊपर बड़े पैमाने पर मछलियां मरी पाई गईं थीं। उसके बाद 21 अगस्त 2019 को भी सूर्य कुंड में मछलियां मृत मिलीं थीं।
ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतें
मत्स्य निरीक्षक अनिरुद्ध ने बताया कि मरी हुई मछलियों की जांच की गई। जांच में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों के मरने की पुष्टि हुई है। सूर्यकुंड में गंदगी के कारण मछलियों को प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। कहा कि कुंड में बची मछलियों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध किया जा रहा है।
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माता कालिकन धाम मंदिर में दर्शन से पूर्व श्रद्धालु यहां स्थित सूर्यकुंड में स्नान करते हैं। कई श्रद्धालु सागरे में मौजूद मछलियों को दाना डालकर उनकी सेवा करते हैं। बृहस्पतिवार को मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में बड़ी संख्या में मरी मछलियां देखी तो इसकी सूचना मंदिर प्रशासन को दी।
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आसपास के बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटने लगे। कुछ देर बाद लोगों द्वारा मरी हुई मछलियों को बाहर निकालना शुरू किया। मंदिर के मुख्य पुजारी श्री महराज ने बताया कि कुंड की सफाई काफी दिन से नहीं कराई जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया बावजूद इसके किसी भी जिम्मेदार ने कुंड की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
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पहले भी मर चुकीं मछलियां
कालिकन धाम में स्थित सूर्य कुंड में मछलियों के मरने का सिलसिला नया नहीं है। बीते सालों में कई बार संदिग्ध परिस्थितियों में कुंड में मछलियां मृत मिली हैं। दो जुलाई 2018 को सूर्य कुंड के पानी के ऊपर बड़े पैमाने पर मछलियां मरी पाई गईं थीं। उसके बाद 21 अगस्त 2019 को भी सूर्य कुंड में मछलियां मृत मिलीं थीं।
ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतें
मत्स्य निरीक्षक अनिरुद्ध ने बताया कि मरी हुई मछलियों की जांच की गई। जांच में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों के मरने की पुष्टि हुई है। सूर्यकुंड में गंदगी के कारण मछलियों को प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। कहा कि कुंड में बची मछलियों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध किया जा रहा है।