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कृषि कानूनों के विरोध में सड़क पर उतरे किसान
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अमेठी। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के बीच जिले में भी किसान कृषि कानूनों के विरोध में उतर आए हैं। किसानों व केंद्र सरकार के बीच वार्ता सफल नहीं होने के बाद शनिवार को किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। ज्ञापन में कृषि कानून समाप्त करने के साथ ही अन्य मांगें पूरी करने की बात कही गई है।
केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के साथ ही जिले में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार व किसानों के बीच वार्ता में सहमति नहीं बनने तथा कृषि कानून से होने वाली किसानों को परेशानी को देखते हुए शनिवार को रीता सिंह जनकल्याण समिति के बैनर तले महिला किसानों प्रदर्शन किया।
जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संजीव कुमार मौर्य को दिया। ज्ञापन में कृषि कानून में उत्पादन व्यापार, संवर्धन व सुविधा, सशक्तीकरण व संरक्षण तथा सेवा विधेयक और आवश्यक वस्तु अधिनियम समाप्त करते हुए कृषि कानून को निष्प्रभावी करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा प्रदान करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद को दंडनीय अपराध घोषित करने समेत अन्य मांगें की गईं हैं।
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किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 14 दिसंबर से वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर रीता सिंह, गयाप्रसाद पांडेय, कमलेश, राजदुलारी, नीतू, ऊषा व श्यामा समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के साथ ही जिले में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार व किसानों के बीच वार्ता में सहमति नहीं बनने तथा कृषि कानून से होने वाली किसानों को परेशानी को देखते हुए शनिवार को रीता सिंह जनकल्याण समिति के बैनर तले महिला किसानों प्रदर्शन किया।
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जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संजीव कुमार मौर्य को दिया। ज्ञापन में कृषि कानून में उत्पादन व्यापार, संवर्धन व सुविधा, सशक्तीकरण व संरक्षण तथा सेवा विधेयक और आवश्यक वस्तु अधिनियम समाप्त करते हुए कृषि कानून को निष्प्रभावी करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा प्रदान करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद को दंडनीय अपराध घोषित करने समेत अन्य मांगें की गईं हैं।
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किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 14 दिसंबर से वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर रीता सिंह, गयाप्रसाद पांडेय, कमलेश, राजदुलारी, नीतू, ऊषा व श्यामा समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।