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किसान नेता को चुकानी पड़ी मदद की कीमत
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अमेठी। भाकियू (टिकैत) के जिला प्रभारी प्रमोद मिश्र की हत्या भूमि विवाद में ही हुई थी। मंगलवार को ऐसा दावा पुलिस की तरफ से किया गया। पुलिस ने किसान नेता को गोली मारने वाले आरोपी के साथ तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर आला कत्ल, दो बाइक व घटना की रेकी में प्रयुक्त चार मोबाइल बरामद किया है।
अमेठी कोतवाली के श्रीरामपुर मजरे उमापुर गानापट्टी निवासी प्रमोद मिश्र की 16 मई की रात अज्ञात हमलावरों ने लोनियापुर मोड़ के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रमोद हत्याकांड को चुनौती के रूप में लेते हुए खुलासे के लिए स्वाट व सर्विलांस सेल के साथ फील्ड पुलिस की दो टीमों को लगाया गया था।
टीमों ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो प्रथम दृष्टया भूमि विवाद से जुड़े मामले में घटना को अंजाम दिए जाने की बातें सामने आईं। पुलिस ने इसी दिशा में जांच को जारी रखा तो उसे कई ठोस सबूत भी हाथ लग गए।
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सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की कवायद शुरू की। मंगलवार सुबह स्वाट टीम प्रभारी विनोद कुमार यादव, अमेठी कोतवाली प्रभारी श्याम सुंदर व सर्विलांस सेल प्रभारी देवेश कुमार ने दो आरोपियों को ककवा रोड स्थित आमोद प्रमोद इंटर कॉलेज के पास तो दो को अमेठी-प्रतापगढ़ मार्ग स्थित कालिकन मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।
ककवा मार्ग से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज तिवारी निवासी तिवारीपुर मजरे बरियापुर थाना अमेठी व रोहित तिवारी निवासी डेहरा थाना संग्रामपुर के रूप में हुई। कालिकन मोड़ के पास से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत मिश्र निवासी डेहरा व अरुण सिंह तिवासी पूरे तालुकदार थाना संग्रामपुर के रूप में हुई।
युवकों की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा, दो बाइक व चार मोबाइल भी बारमद कर लिया है। मंगलवार दोपहर बाद एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने एएसपी दयाराम व सीओ अमेठी पीयूष कांत राय की मौजूदगी में घटना के हर पहलू की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि प्रमोद ने अपने करीबी राम बहादुर को ककवा रोड स्थित एक बेशकीमती भूमि का काफी दिन पूर्व पट्टा दिलाया था। यह बात राम बहादुर के चचेरे भाई कृष्ण कुमार आदि को चुभ रही थी। इसी विवाद में प्रमोद राम बहादुर की तो कुछ लोग कृष्ण कुमार आदि की मदद कर रहे थे। प्रमोद जहां निस्वार्थ मदद कर रहे थे वहीं राम बहादुर की मदद करने वाले अन्य व कृष्ण कुमार की मदद करने वालों की निगाह उस भूमि पर गड़ी थी।
राम बहादुर ने इस भूमि को घेरने के लिए सूरज के पिता अवधराज से मोरंग, सीमेंट समेत करीब एक लाख का सामान उधार लिया था। राम बहादुर ने अवधराज को रुपये नहीं दे पाने की स्थिति में रोड पर 13 फिट भूमि देने को कहा था।
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अमेठी कोतवाली के श्रीरामपुर मजरे उमापुर गानापट्टी निवासी प्रमोद मिश्र की 16 मई की रात अज्ञात हमलावरों ने लोनियापुर मोड़ के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रमोद हत्याकांड को चुनौती के रूप में लेते हुए खुलासे के लिए स्वाट व सर्विलांस सेल के साथ फील्ड पुलिस की दो टीमों को लगाया गया था।
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टीमों ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो प्रथम दृष्टया भूमि विवाद से जुड़े मामले में घटना को अंजाम दिए जाने की बातें सामने आईं। पुलिस ने इसी दिशा में जांच को जारी रखा तो उसे कई ठोस सबूत भी हाथ लग गए।
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सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की कवायद शुरू की। मंगलवार सुबह स्वाट टीम प्रभारी विनोद कुमार यादव, अमेठी कोतवाली प्रभारी श्याम सुंदर व सर्विलांस सेल प्रभारी देवेश कुमार ने दो आरोपियों को ककवा रोड स्थित आमोद प्रमोद इंटर कॉलेज के पास तो दो को अमेठी-प्रतापगढ़ मार्ग स्थित कालिकन मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।
ककवा मार्ग से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज तिवारी निवासी तिवारीपुर मजरे बरियापुर थाना अमेठी व रोहित तिवारी निवासी डेहरा थाना संग्रामपुर के रूप में हुई। कालिकन मोड़ के पास से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत मिश्र निवासी डेहरा व अरुण सिंह तिवासी पूरे तालुकदार थाना संग्रामपुर के रूप में हुई।
युवकों की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा, दो बाइक व चार मोबाइल भी बारमद कर लिया है। मंगलवार दोपहर बाद एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने एएसपी दयाराम व सीओ अमेठी पीयूष कांत राय की मौजूदगी में घटना के हर पहलू की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि प्रमोद ने अपने करीबी राम बहादुर को ककवा रोड स्थित एक बेशकीमती भूमि का काफी दिन पूर्व पट्टा दिलाया था। यह बात राम बहादुर के चचेरे भाई कृष्ण कुमार आदि को चुभ रही थी। इसी विवाद में प्रमोद राम बहादुर की तो कुछ लोग कृष्ण कुमार आदि की मदद कर रहे थे। प्रमोद जहां निस्वार्थ मदद कर रहे थे वहीं राम बहादुर की मदद करने वाले अन्य व कृष्ण कुमार की मदद करने वालों की निगाह उस भूमि पर गड़ी थी।
राम बहादुर ने इस भूमि को घेरने के लिए सूरज के पिता अवधराज से मोरंग, सीमेंट समेत करीब एक लाख का सामान उधार लिया था। राम बहादुर ने अवधराज को रुपये नहीं दे पाने की स्थिति में रोड पर 13 फिट भूमि देने को कहा था।