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Amethi News: कठिन हालात का डटकर करें सामना
Sun, 20 Jul 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:23 AM IST
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गौरीगंज स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अ
अमेठी सिटी। जीवन में कभी कठिन हालातों से जूझना पड़े तो घबराएं नहीं, बल्कि साहस और संयम के साथ उसका डटकर सामना करें। शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गौरीगंज में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में ये संदेश छात्राओं को दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षक साधना सिंह की प्रेरणादायक बातें और डेमो के साथ हुई। उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी सार्वजनिक स्थान पर छेड़छाड़ जैसी घटना हो तो डरने या चुप रहने के बजाय खुद को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाएं। शांत रहकर सूझबूझ दिखाएं और साहस के साथ स्थिति पर नियंत्रण पाएं। प्रशिक्षण सत्र में छात्राओं को दैनिक जीवन की सामान्य चीजों का इस्तेमाल करते हुए आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
साधना सिंह ने समझाया कि घरेलू कार्य करते हुए भी शरीर को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने राह चलते परेशान करने वाले युवकों से निपटने के कई कारगर उपाय बताए और छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनका अभ्यास भी कराया। विद्यालय की वार्डेन अंजू सिंह ने कहा कि आज की परिस्थितियों में बेटियों का शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। जब तक लड़कियां अपनी सुरक्षा स्वयं नहीं करना सीखेंगी, तब तक समाज में बदलाव संभव नहीं है। ताइक्वांडो जैसे खेल आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की दिशा में कारगर साबित हो सकते हैं। शिविर में दीपमाला, प्रियंका यादव, अमिता सिंह, ज्योति चौरसिया समेत विद्यालय की करीब 80 छात्राएं मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षक साधना सिंह की प्रेरणादायक बातें और डेमो के साथ हुई। उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी सार्वजनिक स्थान पर छेड़छाड़ जैसी घटना हो तो डरने या चुप रहने के बजाय खुद को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाएं। शांत रहकर सूझबूझ दिखाएं और साहस के साथ स्थिति पर नियंत्रण पाएं। प्रशिक्षण सत्र में छात्राओं को दैनिक जीवन की सामान्य चीजों का इस्तेमाल करते हुए आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
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साधना सिंह ने समझाया कि घरेलू कार्य करते हुए भी शरीर को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने राह चलते परेशान करने वाले युवकों से निपटने के कई कारगर उपाय बताए और छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनका अभ्यास भी कराया। विद्यालय की वार्डेन अंजू सिंह ने कहा कि आज की परिस्थितियों में बेटियों का शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। जब तक लड़कियां अपनी सुरक्षा स्वयं नहीं करना सीखेंगी, तब तक समाज में बदलाव संभव नहीं है। ताइक्वांडो जैसे खेल आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की दिशा में कारगर साबित हो सकते हैं। शिविर में दीपमाला, प्रियंका यादव, अमिता सिंह, ज्योति चौरसिया समेत विद्यालय की करीब 80 छात्राएं मौजूद रहीं।
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