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Amethi News: आंख और कान पर नियंत्रण जरूरी
Sun, 20 Apr 2025 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Apr 2025 12:57 AM IST
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गौरीगंज के पूरे मदनसिंह बलीपुर खुर्दवा में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रोता।-स्रोत : आयोजक
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अमेठी सिटी। श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के मन में व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश करती है। सद्कर्म के बाद ही व्यक्ति के मन में भागवत कथा सुनने की इच्छा जागृत होती है। ये बातें गौरीगंज के पूरे मदनसिंह बलीपुर खुर्दवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को प्रवाचक कमलेश द्विवेदी ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि जो व्यक्ति सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। कहा कि एक दृश्य से हमारा पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख और कान सभी पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका है कि भागवत भजन। जो जीव भगवत भजन करेगा, जो भगवान के नाम में विश्वास रखता है, वह आसानी से भव सागर से तर जाता है।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान पर जितना विश्वास करोगे, उतना ही अच्छा है। कहा कि सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। भगवान के नाम का आश्रय लो, सत्संग करो, वही साथ जाएगा। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद मिश्र, गिरिजाशंकर मिश्र आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि जो व्यक्ति सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। कहा कि एक दृश्य से हमारा पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख और कान सभी पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका है कि भागवत भजन। जो जीव भगवत भजन करेगा, जो भगवान के नाम में विश्वास रखता है, वह आसानी से भव सागर से तर जाता है।
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प्रवाचक ने कहा कि भगवान पर जितना विश्वास करोगे, उतना ही अच्छा है। कहा कि सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। भगवान के नाम का आश्रय लो, सत्संग करो, वही साथ जाएगा। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद मिश्र, गिरिजाशंकर मिश्र आदि मौजूद रहे।
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