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45 घाटों पर आज होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
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01 : गौरीगंज : मुसाफिरखाना क्षेत्र से गुजरने वाली गोमती नदी स्थिति विर्सजन घाट का निरीक्षण करते एसप
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। दुर्गा पूजा पंडालों में सजाई गईं मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार दोपहर बाद शुरू होगा। विसर्जन का प्रमुख कार्यक्रम गोमती व मालती नदी के घाटों पर होगा। पुलिस व प्रशासनिक अफसर शनिवार को तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। तीन दिनों में हुई भीषण बरसात के चलते दोनों नदियों का बढ़ा जलस्तर भी प्रशासन के लिए चुनौती है।
प्रशासनिक अनुमति के बाद जिले में कुल 1103 स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए थे। इनमें से तिलोई तहसील क्षेत्र में सजाई गईं करीब 250 प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार को ही कर दिया गया था। 853 प्रतिमाओं का विसर्जन होना अभी शेष है। अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार दोपहर बाद शुरू होगा। कुछ स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन सोमवार को किया जाएगा।
बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन चुनिंदा स्थानों पर होने के चलते प्रशासनिक अमला तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा रहा। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली आदि गंगा गोमती व अमेठी तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली मालती नदी समेत अन्य नदी नालों को मिलाकर कुल 45 घाटों पर प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी।
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बाजार शुकुल क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन गोमती नदी के रीछ घाट, जगदीशपुर व जामो-गौरीगंज क्षेत्र की प्रतिमाओं का आमघाट तो मुसाफिरखाना के साथ ही गौरीगंज तहसील क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन निजामुद्दीनपुर/इसौली घाट पर होता है। अमेठी तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन मालती नदी के रामघाट, टीकरमाफी घाट, मुंशीगंज घाट, विशेषरगंज घाट, महराजपुर घाट समेत छोटे-छोटे कई घाटों पर होता है। प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम शांति पूर्वक संपन्न हो सके इसके लिए डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी डॉ. इलामारन जी. ने आयोजकों व विसर्जन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
रीछ घाट पर विसर्जन में संशय
मुसाफिरखाना तहसील के बाजार शुकुल ब्लॉक क्षेत्र व बाराबंकी जिले के कई स्थानों की प्रतिमाओं का विसर्जन गोमती नदी के रीछ घाट पर होता था। तीन दिन से हो रही बारिश के चलते विसर्जन घाट पूरी तरह पानी में समा गया है। वहां तक जाने वाली सड़क भी कटकर बह गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से शनिवार को जेसीबी लगाकर घाट बनाने का काम शुरू किया गया लेकिन शनिवार रात व रविवार को बारिश होने पर फिर वही स्थिति हो सकती है। ऐसे में वैकल्पिक तौर पर यहां की प्रतिमाओं का विसर्जन गोमती नदी के उरेरमऊ (अयोध्या जिले में पड़ने वाले) घाट पर करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए अब श्रद्धालुओं को दस किलोमीटर की दूरी अलग से तय करनी पड़ेगी।
एसपी समेत अफसरों ने किया घाटों का निरीक्षण
एसपी डॉ. इलामारन जी. ने शनिवार को मुसाफिरखाना के इसौली घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अफसरों को बचाव संबंधी कई उपाय करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया। वहीं एसडीएम सविता यादव व सीओ अर्पित कपूर ने भी आमघाट व रीछ घाट का निरीक्षण कर खामियों को दुरुस्त कराने का निर्देश मातहतों को दिया।
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प्रशासनिक अनुमति के बाद जिले में कुल 1103 स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए थे। इनमें से तिलोई तहसील क्षेत्र में सजाई गईं करीब 250 प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार को ही कर दिया गया था। 853 प्रतिमाओं का विसर्जन होना अभी शेष है। अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार दोपहर बाद शुरू होगा। कुछ स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन सोमवार को किया जाएगा।
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बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन चुनिंदा स्थानों पर होने के चलते प्रशासनिक अमला तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा रहा। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली आदि गंगा गोमती व अमेठी तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली मालती नदी समेत अन्य नदी नालों को मिलाकर कुल 45 घाटों पर प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी।
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बाजार शुकुल क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन गोमती नदी के रीछ घाट, जगदीशपुर व जामो-गौरीगंज क्षेत्र की प्रतिमाओं का आमघाट तो मुसाफिरखाना के साथ ही गौरीगंज तहसील क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन निजामुद्दीनपुर/इसौली घाट पर होता है। अमेठी तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन मालती नदी के रामघाट, टीकरमाफी घाट, मुंशीगंज घाट, विशेषरगंज घाट, महराजपुर घाट समेत छोटे-छोटे कई घाटों पर होता है। प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम शांति पूर्वक संपन्न हो सके इसके लिए डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी डॉ. इलामारन जी. ने आयोजकों व विसर्जन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
रीछ घाट पर विसर्जन में संशय
मुसाफिरखाना तहसील के बाजार शुकुल ब्लॉक क्षेत्र व बाराबंकी जिले के कई स्थानों की प्रतिमाओं का विसर्जन गोमती नदी के रीछ घाट पर होता था। तीन दिन से हो रही बारिश के चलते विसर्जन घाट पूरी तरह पानी में समा गया है। वहां तक जाने वाली सड़क भी कटकर बह गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से शनिवार को जेसीबी लगाकर घाट बनाने का काम शुरू किया गया लेकिन शनिवार रात व रविवार को बारिश होने पर फिर वही स्थिति हो सकती है। ऐसे में वैकल्पिक तौर पर यहां की प्रतिमाओं का विसर्जन गोमती नदी के उरेरमऊ (अयोध्या जिले में पड़ने वाले) घाट पर करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए अब श्रद्धालुओं को दस किलोमीटर की दूरी अलग से तय करनी पड़ेगी।
एसपी समेत अफसरों ने किया घाटों का निरीक्षण
एसपी डॉ. इलामारन जी. ने शनिवार को मुसाफिरखाना के इसौली घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अफसरों को बचाव संबंधी कई उपाय करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया। वहीं एसडीएम सविता यादव व सीओ अर्पित कपूर ने भी आमघाट व रीछ घाट का निरीक्षण कर खामियों को दुरुस्त कराने का निर्देश मातहतों को दिया।