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तीन किलो मीटर दूर से लाना पड़ रहा पीने का पानी

Mon, 27 Sep 2021 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 10:45 PM IST
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Drinking water has to be brought from three kilo meters away
जायस (अमेठी)। बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र में करीब दो हजार की आबादी वाले गांव छूलामऊ के लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। ग्रामीणों को भोजन पकाने व पीने के पानी के लिए हर रोज करीब तीन किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। गांव में लगे आठ इंडिया मार्का टू हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त दूषित पानी देने से यह हालात उपजे हैं। ग्रामीण इन हैंडपंप के पानी का उपयोग सिर्फ कपड़ा और बर्तन धुलने में करते हैं।
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वीवीआईपी क्षेत्र में शुमार अमेठी संसदीय क्षेत्र के लोग देश आजाद होने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित चल रहे हैं। बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के छूलामऊ गांव का कुछ ऐसा ही हाल है। यहां पीने के पानी के लिए लोगों को हर रोज करीब तीन किलो मीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इस गांव के बच्चों के हाथों में सुबह स्कूल बैग की जगह बाल्टी और पानी के डब्बे होते हैं।
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यह हालात गांव में फ्लोराइड युक्त दूषित पानी की वजह से उपजे हैं। दो हजार की आबादी वाले इस गांव में पीने के पानी के लिए आठ इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगे हैं। इसके अलावा कई ग्रामीण गहरी बोरिंग कराकर मोटर लगवाए हैं। हैंडपंप हो या फिर मोटर सब दूषित पानी उगल रहे हैं।
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इन दिनों बारिश के चलते गांव के चारो तरफ जलभराव है। ऐसे में ग्रामीणों को दूसरे गांव से पानी लाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हैंडपंप व मोटर से निकलने वाले पानी से लोग सिर्फ बर्तन व कपड़ा धोने का काम करते हैं। पानी इतना दूषित है कि इस पानी से नहाने पर शरीर में खुजली होने लगती है।
पड़ोसी के गांव में है पानी की टंकी
छूलामऊ मजरे फत्तेपुर मवइया से सटे पड़ोसी गांव खैरहना और तेंदुआ गांव में पानी की टंकी स्थापित है। बावजूद इसके पाइप लाइन नहीं बिछाने से इस गांव में सप्लाई नहीं है। यदि गांव तक पाइप लाइन बिछा दी जाए तो ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिल जाए। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के मौसम में होती है।
जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान
गृहणी विद्यावती, रेशमा, आशमा, किस्मतुन आदि ने बताया कि इस समय बच्चों के स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में सुबह उठकर दूसरे गांव से पानी लाने फिर बच्चों की टिफिन तैयार करने में देरी के चलते बच्चे समय से स्कूल नहीं जा पाते हैं। ग्रामीण अब्दुल गफ्फार, इकबाल, दिनेश, ननही, जवाहर व नसीर ने बताया कि इस समस्या से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन किसी ने ग्रामीणों की सुध नहीं ली।
कहते हैं कि नेता सिर्फ आश्वासन देते हैं जो वह कभी पूरा करने या कराने की जहमत नहीं उठाते हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मो. ईशा के अनुसार पानी की समस्या ब्लॉक समेत जिला स्तरीय अधिकारियों के संज्ञान में है। बावजूद इसके अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया।

होगा निराकरण
एसडीएम तिलोई श्रद्धा सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के पानी पीने की समस्या की जानकारी मिली है। जल निगम के अधिशासी अभियंता से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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