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Amethi News: चाचा-भतीजे की मौत से टूट गया परिवार
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। सुरेश और बृजेश की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। घटना ने बच्चों के साथ संयुक्त परिवार के अरमानों का भी कत्ल कर दिया है। मंगलवार को परिजनों का विलाप देख मौजूद लोगों की भी आंखें भी नम हो गईं।
स्व. बद्री प्रसाद यादव के तीन पुत्रों में सुरेश यादव सबसे छोटा था। सुरेश के सबसे बड़े भाई राम बहादुर की उम्र करीब 70 साल है। राम बहादुर के दो पुत्र व एक पुत्री थे। सबसे बड़ी बेटी गीता (35) शादीशुदा है। उससे छोटा बृजेश था जिसे हत्यारों ने मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद दुर्गेश (24) है। दुर्गेश के साथ बृजेश भी अविवाहित था। वहीं सुरेश के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी अंशू (16) इंटरमीडिएट में है तो 14 वर्षीय अतुल हाईस्कूल का छात्र है। नौ वर्षीय बेटा आयुष कक्षा पांच में पढ़ता है।
सुरेश का परिवार संयुक्त है। तीनों भाइयों का पूरा परिवार एक साथ रहता है। सुरेश की पत्नी गांव के ही प्राथमिक विद्यालय कोदौली में शिक्षा मित्र हैं। चूंकि पूरे परिवार में सिर्फ सुरेश (संग्रह अमीन) व सुनीता ही कमाने वाले थे ऐसे में सभी की पढ़ाई लिखाई से लेकर अन्य खर्चे भी सुरेश ही उठाता था। सुरेश अपने गांव में संत कबीर इंटरमीडिएट कॉलेज का संचालन भी करता था। चाचा शिव बहादुर को उसने प्रबंधक बना रखा था। बृजेश, सुरेश के साथ रहकर परिवार की थोड़ी बहुत मदद करता था। दोनों की एक साथ हुई हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
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सुल्तानपुर में शिक्षक है जमालुद्दीन
दोहरे हत्याकांड का पहला नामजद आरोपी जमालुद्दीन सुल्तानपुर के एक मदरसे में शिक्षक है। वह वहीं रहकर बच्चों को पढ़ाता है। घटना में नामजद राहुल का भाई संजय पानीपत शहर में रह कर प्राइवेट नौकरी करता है। आरोपी मोइनुद्दीन पहले आरोपी जमालुद्दीन का बेटा है। राहुल व वसीम खान घर पर रहते हैं और गांव की राजनीति में सक्रिय रहते हैं।
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स्व. बद्री प्रसाद यादव के तीन पुत्रों में सुरेश यादव सबसे छोटा था। सुरेश के सबसे बड़े भाई राम बहादुर की उम्र करीब 70 साल है। राम बहादुर के दो पुत्र व एक पुत्री थे। सबसे बड़ी बेटी गीता (35) शादीशुदा है। उससे छोटा बृजेश था जिसे हत्यारों ने मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद दुर्गेश (24) है। दुर्गेश के साथ बृजेश भी अविवाहित था। वहीं सुरेश के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी अंशू (16) इंटरमीडिएट में है तो 14 वर्षीय अतुल हाईस्कूल का छात्र है। नौ वर्षीय बेटा आयुष कक्षा पांच में पढ़ता है।
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सुरेश का परिवार संयुक्त है। तीनों भाइयों का पूरा परिवार एक साथ रहता है। सुरेश की पत्नी गांव के ही प्राथमिक विद्यालय कोदौली में शिक्षा मित्र हैं। चूंकि पूरे परिवार में सिर्फ सुरेश (संग्रह अमीन) व सुनीता ही कमाने वाले थे ऐसे में सभी की पढ़ाई लिखाई से लेकर अन्य खर्चे भी सुरेश ही उठाता था। सुरेश अपने गांव में संत कबीर इंटरमीडिएट कॉलेज का संचालन भी करता था। चाचा शिव बहादुर को उसने प्रबंधक बना रखा था। बृजेश, सुरेश के साथ रहकर परिवार की थोड़ी बहुत मदद करता था। दोनों की एक साथ हुई हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
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सुल्तानपुर में शिक्षक है जमालुद्दीन
दोहरे हत्याकांड का पहला नामजद आरोपी जमालुद्दीन सुल्तानपुर के एक मदरसे में शिक्षक है। वह वहीं रहकर बच्चों को पढ़ाता है। घटना में नामजद राहुल का भाई संजय पानीपत शहर में रह कर प्राइवेट नौकरी करता है। आरोपी मोइनुद्दीन पहले आरोपी जमालुद्दीन का बेटा है। राहुल व वसीम खान घर पर रहते हैं और गांव की राजनीति में सक्रिय रहते हैं।