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Amethi News: गांव में लगी कोर्ट, सुलह-समझौत के आधार पर निस्तारित हुए वाद
Tue, 13 Aug 2024 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 13 Aug 2024 01:11 AM IST
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बाजारशुकुल के मवैया रहमतगढ़ पंचायत भवन पर चकबंदी विभाग की लगी अदालत।
बाजारशुकुल (अमेठी) स्थानीय ब्लॉक के मवैया रहमतगढ़ पंचायत भवन में सोमवार को खुली अदालत लगाई गई। कोर्ट में चकबंदी विभाग की विभिन्न अदालत में लंबित 55 वादों की सुनवाई की गई। इस दौरान सुलह-समझौता के आधार पर 51 मामलों का मौके पर ही निस्तारण करवाया गया। गांव में त्वरित सुलभ न्याय मिलने के बाद किसान खुश नजर आए।
छोटे-छोटे जोत को इकट्ठा कर किसानों को खेती किसानी में सुविधा देने व चकमार्ग समेत अन्य भूमि को सुरक्षित करने के लिए चकबंदी होती है। इस दौरान विभिन्न प्रकार के वाद अदालतों में लंबित रहते हैं। ऐसे में चकबंदी न्यायालय में विचाराधीन वादों का त्वरित निस्तारण के लिए चकबंदी विभाग न्याय चला गांव की ओर कार्यक्रम के तहत गांव में खुली अदालत लगाकर वादों का निस्तारण करवा रहा है।
सोमवार को मुसाफिरखाना तहसील के मवैया रहमतगढ़ ग्राम पंचायत में अदालत लगाई गई। ग्राम अदालत में चकबंदी विभाग के विभिन्न कोर्ट में लंबित 55 वाद सुनवाई के लिए लगाए गए थे। इस दौरान चकबंदी अधिकारी राम विलास गुप्ता, सहायक चकबंदी अधिकारी, कानूनगो व लेखपालों ने वादों के दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए साक्ष्य व सुलह-समझौते के आधार पर मौके पर ही 51 का निस्तारण करवाया। शेष चार वादों का 22 अगस्त को अदालत में सुनवाई कर निस्तारित करने का आश्वासन दिया।
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त्वरित मिला न्याय तो खुश हुए किसान।
विभाजन, नामांतरण व वरासत संबंधी मामलों के लिए लोगों को वर्षों कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है। गांव में अदालत लगाने पर ग्रामीणों को त्वरित न्याय मिला। गांव के आशीष कुमार शुक्ला का कहना है कि आसानी से वरासत हो गई। ऐसी अदालत लगने से लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। ओम प्रकाश शर्मा का कहना है कि ग्राम अदालत से किसानों को अदालत के चक्कर लगाने से छुट्टी मिल जाएगी। छोटे-छोटे वादों का तत्काल निस्तारण होने से दौड़भाग की मेहनत से छुटकार मिलेगा व पैसे की बचत होगी।
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छोटे-छोटे जोत को इकट्ठा कर किसानों को खेती किसानी में सुविधा देने व चकमार्ग समेत अन्य भूमि को सुरक्षित करने के लिए चकबंदी होती है। इस दौरान विभिन्न प्रकार के वाद अदालतों में लंबित रहते हैं। ऐसे में चकबंदी न्यायालय में विचाराधीन वादों का त्वरित निस्तारण के लिए चकबंदी विभाग न्याय चला गांव की ओर कार्यक्रम के तहत गांव में खुली अदालत लगाकर वादों का निस्तारण करवा रहा है।
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सोमवार को मुसाफिरखाना तहसील के मवैया रहमतगढ़ ग्राम पंचायत में अदालत लगाई गई। ग्राम अदालत में चकबंदी विभाग के विभिन्न कोर्ट में लंबित 55 वाद सुनवाई के लिए लगाए गए थे। इस दौरान चकबंदी अधिकारी राम विलास गुप्ता, सहायक चकबंदी अधिकारी, कानूनगो व लेखपालों ने वादों के दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए साक्ष्य व सुलह-समझौते के आधार पर मौके पर ही 51 का निस्तारण करवाया। शेष चार वादों का 22 अगस्त को अदालत में सुनवाई कर निस्तारित करने का आश्वासन दिया।
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त्वरित मिला न्याय तो खुश हुए किसान।
विभाजन, नामांतरण व वरासत संबंधी मामलों के लिए लोगों को वर्षों कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है। गांव में अदालत लगाने पर ग्रामीणों को त्वरित न्याय मिला। गांव के आशीष कुमार शुक्ला का कहना है कि आसानी से वरासत हो गई। ऐसी अदालत लगने से लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। ओम प्रकाश शर्मा का कहना है कि ग्राम अदालत से किसानों को अदालत के चक्कर लगाने से छुट्टी मिल जाएगी। छोटे-छोटे वादों का तत्काल निस्तारण होने से दौड़भाग की मेहनत से छुटकार मिलेगा व पैसे की बचत होगी।