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अधूरा पड़ा करनाईपुर का सामुदायिक प्रसाधन भवन
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संग्रामपुर (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत करनाईपुर में सामुदायिक प्रसाधन का निर्माण अधर में लटका है। यही स्थिति ब्लॉक के अधिकांश ग्राम पंचायतों की है। प्रसाधन भवनों के अधूरा रहने के कारण ग्रामीण खुले में बैठने को मजबूर हैं।
करनाईपुर ग्राम पंचायत को वाह्य प्रसाधन मुक्त बनाने के लिए पिछले दिनों सामुदायिक प्रसाधन भवन बनाने की स्वीकृति मिली थी। प्रसाधन भवन का निर्माण भी हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में जमकर धांधली की गई। जो कार्य हुआ भी वह गुणवत्ता विहीन है।
प्रसाधन भवन शुरू हुए बिना इसमें पानी मुहैया कराने के लिए लगाई गई बोरिंग भ्रष्ट हो गई है। भवन निर्माण में काफी कार्य नहीं हुआ है। प्रसाधन के अंदर कार्य अधूरा है। परिसर के बाहर रंगाई पोताई करके काम बंद कर दिया गया है। निर्माण पूरा नहीं होने के कारण प्रसाधन भवन पर ताला लटका हुआ है।
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ग्रामीण अमन द्विवेदी ने बताया कि भला कौन खुले में प्रसाधन जाना चाहता है। सामुदायिक प्रसाधन बना होता तो लोग उसका प्रयोग करते। जबकि विपिन उपाध्याय ने बताया कि शौचालय का निर्माण परा नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। बरसात में बाहर जाने पर असुरक्षा का भाव रहता है। ऐसे में कोई घटना होने पर कौन जिम्मेदार होगा।
संतलाल साहू ने अर्धनिर्मित प्रसाधन भवन को जल्द पूरा कराने की मांग की। कहा कि स्वच्छता के प्रचार -प्रसार पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है इसके बाद भी गांव वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संबंध में बीडीओ विजय कुमार अस्थाना का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो कार्य अधूरे होंगे उन्हें जल्दी पूरा कराकर इनका शुरू कराया जाएगा।
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करनाईपुर ग्राम पंचायत को वाह्य प्रसाधन मुक्त बनाने के लिए पिछले दिनों सामुदायिक प्रसाधन भवन बनाने की स्वीकृति मिली थी। प्रसाधन भवन का निर्माण भी हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में जमकर धांधली की गई। जो कार्य हुआ भी वह गुणवत्ता विहीन है।
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प्रसाधन भवन शुरू हुए बिना इसमें पानी मुहैया कराने के लिए लगाई गई बोरिंग भ्रष्ट हो गई है। भवन निर्माण में काफी कार्य नहीं हुआ है। प्रसाधन के अंदर कार्य अधूरा है। परिसर के बाहर रंगाई पोताई करके काम बंद कर दिया गया है। निर्माण पूरा नहीं होने के कारण प्रसाधन भवन पर ताला लटका हुआ है।
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ग्रामीण अमन द्विवेदी ने बताया कि भला कौन खुले में प्रसाधन जाना चाहता है। सामुदायिक प्रसाधन बना होता तो लोग उसका प्रयोग करते। जबकि विपिन उपाध्याय ने बताया कि शौचालय का निर्माण परा नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। बरसात में बाहर जाने पर असुरक्षा का भाव रहता है। ऐसे में कोई घटना होने पर कौन जिम्मेदार होगा।
संतलाल साहू ने अर्धनिर्मित प्रसाधन भवन को जल्द पूरा कराने की मांग की। कहा कि स्वच्छता के प्रचार -प्रसार पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है इसके बाद भी गांव वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संबंध में बीडीओ विजय कुमार अस्थाना का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो कार्य अधूरे होंगे उन्हें जल्दी पूरा कराकर इनका शुरू कराया जाएगा।