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Amethi News: गौरीगंज के पूर्व विधायक पर ठगी का मुकदमा दर्ज
Fri, 10 Mar 2023 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 10 Mar 2023 12:32 AM IST
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लखनऊ। अमेठी के गौरीगंज से पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी के खिलाफ अलीगंज थाने में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया है। मुकदमा एक महिला अधिवक्ता ने राज्य महिला आयोग की मदद से दर्ज कराया है। पूर्व विधायक पर पीड़िता से साढ़े चार लाख रुपये ठगने का आरोप है।
अलीगंज के त्रिवेणीनगर सीतापुर रोड इलाके में अधिवक्ता रूचि शुक्ला रहती हैं। उनके मुताबिक, उनके पति की 14 अप्रैल 2021 में कोरोना के चलते मौत हो गई थी। उनके पति राजनीति में सक्त्रिस्य थे। इसके चलते उनकी मौत के बाद कई लोग मिलने और रूचि का हालचाल लेने आया करते थे।
रूचि के अनुसार, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी ने उनको पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम लेते हुए भारत सरकार के सॉयल टेस्टिंग प्रोजेक्ट के बारे में बताया। इसमें निवेश के नाम पर ढाई लाख रुपये बैंक के जरिये और दो लाख नकद ऐंठ लिए।
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पीड़िता के अनुसार, दो लाख रुपये नकद उन्होंने कई रिश्तेदारों से उधार लिए थे। बैंक में भेजे गए रुपये गोमतीनगर के विनीतखंड स्थित अर्थ केयर नाम की कंपनी के खाते में पीड़िता से ट्रांसफर कराए गए थे।
पूर्व विधायक के कॉल न उठाने पर रुचि ने छानबीन की तो पता चला कि भारत सरकार का कोई टेस्टिंग लैब प्रोजेक्ट ही नहीं है। राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। छह मार्च को आदेश होने पर अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
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अलीगंज के त्रिवेणीनगर सीतापुर रोड इलाके में अधिवक्ता रूचि शुक्ला रहती हैं। उनके मुताबिक, उनके पति की 14 अप्रैल 2021 में कोरोना के चलते मौत हो गई थी। उनके पति राजनीति में सक्त्रिस्य थे। इसके चलते उनकी मौत के बाद कई लोग मिलने और रूचि का हालचाल लेने आया करते थे।
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रूचि के अनुसार, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी ने उनको पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम लेते हुए भारत सरकार के सॉयल टेस्टिंग प्रोजेक्ट के बारे में बताया। इसमें निवेश के नाम पर ढाई लाख रुपये बैंक के जरिये और दो लाख नकद ऐंठ लिए।
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पीड़िता के अनुसार, दो लाख रुपये नकद उन्होंने कई रिश्तेदारों से उधार लिए थे। बैंक में भेजे गए रुपये गोमतीनगर के विनीतखंड स्थित अर्थ केयर नाम की कंपनी के खाते में पीड़िता से ट्रांसफर कराए गए थे।
पूर्व विधायक के कॉल न उठाने पर रुचि ने छानबीन की तो पता चला कि भारत सरकार का कोई टेस्टिंग लैब प्रोजेक्ट ही नहीं है। राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। छह मार्च को आदेश होने पर अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई।