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Amethi News: एआरटीओ में अव्यवस्था हावी, परेशान हो रहे आम व खास

Sun, 27 Jul 2025 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sun, 27 Jul 2025 01:12 AM IST
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Chaos prevails in ARTO, common and special people are getting troubled
 उप संभागीय परिवहन कार्यालय ​में पटल पर खड़े आवेदक।
अमेठी सिटी। उप संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण जैसे जरूरी काम के लिए पहुंचने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं, बिचौलिये पहले से भीतर मौजूद रहते हैं और मोटी रकम लेकर कुछ ही मिनटों में काम निपटा देते हैं। कार्यालय में अव्यवस्था का खामियाजा आम व खास सभी को भुगतना पड़ रहा है।
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शनिवार दोपहर लगभग 1:10 बजे कार्यालय परिसर के निचले तल पर मौजूद चार काउंटरों पर कर्मचारी कार्यरत थे। तभी आवेदकों के साथ खड़े बिचौलिये काम जल्द कराने के लिए सुविधा शुल्क मांगते दिखे। कक्ष संख्या सात में बाबू जय प्रकाश की जगह दो बाहरी युवक काम करते मिले, कक्ष का दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने पर दरवाजा खुला तो बाबू की कुर्सी पर एक मोटर ट्रेनिंग स्कूल से जुड़े व्यक्ति व लखनऊ का एक युवक कामकाज निपटाता मिले।
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कैमरा देख दोनों बाहर निकलकर तेजी से भाग निकले। मुसाफिरखाना से आए एक आवेदक ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से लाइन में लगे हुए थे, लेकिन नंबर नहीं आया। जबकि उनके बाद आए दो लोगों का काम बिचौलियों के जरिए 15 मिनट में हो गया
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खुद को एजेंट और हेल्पर बताते हैं बिचौलिये
कार्यालय में अव्यवस्था इस कदर हावी है कि परिसर में बिचौलिये घूमते रहते हैं और स्वयं को एजेंट या हेल्पर बताते हैं। ये लोग फॉर्म भरवाने से लेकर अन्य सहायता के नाम पर 500 से 3000 रुपये तक वसूलते हैं। हैरानी की बात यह है कि ये गतिविधियां कर्मचारियों की मौजूदगी में होती हैं, लेकिन कोई आपत्ति नहीं करता।

सुविधा शुल्क नहीं दिया, फाइल नहीं बढ़ी
अत्तानगर निवासी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने 22 नवंबर, 2024 को स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। बार-बार पूछने पर टाल दिया जाता है। उनका आरोप है कि बिचौलियों ने सुविधा शुल्क मांगा, लेकिन मना करने पर महीनों से फाइल लंबित है। इसी तरह प्रतापगढ़ के मनगढ़ गांव निवासी प्रभाकर सिंह ने बताया कि उन्होंने 22 मार्च, 2025 को वाहन के स्वामित्व स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की थी। कई बार दस्तावेज लेकर कार्यालय गए पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला। प्रभाकर ने बताया कि बिचौलियों ने खुलकर पैसा मांगा और मना करने पर अब तक काम अधूरा है।


शिकायत मिलने पर की जाती है कार्रवाई
कार्यालय में कोई सुविधा शुल्क मांगे या कार्य में हस्तक्षेप करे तो इसकी शिकायत मुझसे सीधे की जा सकती है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यालय में नियमित निगरानी की व्यवस्था है। जय प्रकाश बाबू अवकाश पर हैं, इसलिए आवेदकों की मदद के लिए मोटर ट्रेनिंग संस्थान के कर्मी को बुलाया गया था।
- महेश बाबू, एआरटीओ प्रशासन
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