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Amethi News: बदलते मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता
Fri, 03 Apr 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:28 AM IST
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गौरीगंज स्थित सीवान में गिरी गेहूं की फसल। -संवाद
अमेठी सिटी। मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है, ऐसे समय छाए बादल किसानों की बेचैनी बढ़ा रहे हैं। बुधवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद बृहस्पतिवार को भी दिनभर बादलों का डेरा रहा। इससे खेतों में काम की रफ्तार अचानक तेज हो गई।
सुबह से ही बादल छाए रहने का असर किसानों की दिनचर्या पर साफ दिखा। कई लोगों ने अपने अन्य काम स्थगित कर सीधे खेतों का रुख किया। कहीं कटाई जारी रही तो कहीं मड़ाई का काम तेजी से निपटाया गया। कंबाइन की मदद से फसल को जल्द सुरक्षित करने की कोशिश करने में जुट गए। पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। यही स्थिति किसानों की चिंता का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है।
रामसागर, शिवपूजन, रामलाल, सुरेश, महेश और लालजी जैसे किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का स्थिर रहना बेहद जरूरी होता है। फसल पकने के दौर में हल्की बारिश या तेज हवा भी भारी नुकसान कर सकती है। खेत में फसल गिरने से दाने कमजोर हो जाते हैं, जिससे उत्पादन के साथ गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में हर किसान जल्द से जल्द फसल घर पहुंचाने की जुगत में लगा है।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्र के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्रीऔर न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 3.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही, दिशा दक्षिण-पश्चिम रही। अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। वर्षा के संकेत फिलहाल नहीं हैं, जबकि हवा सामान्य गति से पश्चिम दिशा में चल सकती है।
कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि मौसम साफ रहने के दौरान ही कटाई और मड़ाई का काम पूरा कर लिया जाए। इससे खड़ी फसल में नुकसान की आशंका कम हो सकती है।
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सुबह से ही बादल छाए रहने का असर किसानों की दिनचर्या पर साफ दिखा। कई लोगों ने अपने अन्य काम स्थगित कर सीधे खेतों का रुख किया। कहीं कटाई जारी रही तो कहीं मड़ाई का काम तेजी से निपटाया गया। कंबाइन की मदद से फसल को जल्द सुरक्षित करने की कोशिश करने में जुट गए। पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। यही स्थिति किसानों की चिंता का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है।
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रामसागर, शिवपूजन, रामलाल, सुरेश, महेश और लालजी जैसे किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का स्थिर रहना बेहद जरूरी होता है। फसल पकने के दौर में हल्की बारिश या तेज हवा भी भारी नुकसान कर सकती है। खेत में फसल गिरने से दाने कमजोर हो जाते हैं, जिससे उत्पादन के साथ गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में हर किसान जल्द से जल्द फसल घर पहुंचाने की जुगत में लगा है।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्र के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्रीऔर न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 3.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही, दिशा दक्षिण-पश्चिम रही। अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। वर्षा के संकेत फिलहाल नहीं हैं, जबकि हवा सामान्य गति से पश्चिम दिशा में चल सकती है।
कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि मौसम साफ रहने के दौरान ही कटाई और मड़ाई का काम पूरा कर लिया जाए। इससे खड़ी फसल में नुकसान की आशंका कम हो सकती है।