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Amethi News: बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभियान
Mon, 04 Aug 2025 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:46 AM IST
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अमेठी सिटी। 1514 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालयों में नामांकित लगभग 1.3 लाख छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि फिलहाल विद्यालयों में औसत उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम है। इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत से ऊपर ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस दिशा में प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए संजय कुमार तिवारी के निर्देशों के अनुसार बच्चों की निरंतर उपस्थिति उनके शैक्षणिक विकास में सहायक होगी। इसके लिए शिक्षकों को अभिभावकों से निरंतर संवाद बनाए रखना होगा। पढ़ाई के महत्व, भविष्य में मिलने वाले लाभ और शासन की योजनाओं के बारे में बच्चों व उनके परिजनों को जानकारी दी जाएगी। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में आत्मीय और सहयोगी वातावरण विकसित किया जाएगा। शिक्षक-बच्चों के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा चौपाल, अभिभावक बैठक और घर-घर संपर्क जैसे कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस प्रयास से जोड़ा जाएगा। बीएसए ने कहा कि जिन घरों में बच्चे छोटे भाई-बहनों की देखरेख में लगे रहते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं से जोड़ने की सलाह दी जाए। साथ ही प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लाभों की भी जानकारी दी जाए ताकि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई में रुचि लें।
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शिक्षकों से यह अपेक्षा की गई है कि वे बच्चों की कम उपस्थिति के कारणों की पहचान कर, स्थानीय जरूरतों के अनुसार समाधान तलाशें। इस अभियान के माध्यम से न केवल उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास होगा, बल्कि बच्चों को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों तक पहुंचाना भी प्राथमिकता होगी।
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बीएसए संजय कुमार तिवारी के निर्देशों के अनुसार बच्चों की निरंतर उपस्थिति उनके शैक्षणिक विकास में सहायक होगी। इसके लिए शिक्षकों को अभिभावकों से निरंतर संवाद बनाए रखना होगा। पढ़ाई के महत्व, भविष्य में मिलने वाले लाभ और शासन की योजनाओं के बारे में बच्चों व उनके परिजनों को जानकारी दी जाएगी। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में आत्मीय और सहयोगी वातावरण विकसित किया जाएगा। शिक्षक-बच्चों के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा चौपाल, अभिभावक बैठक और घर-घर संपर्क जैसे कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
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ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस प्रयास से जोड़ा जाएगा। बीएसए ने कहा कि जिन घरों में बच्चे छोटे भाई-बहनों की देखरेख में लगे रहते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं से जोड़ने की सलाह दी जाए। साथ ही प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लाभों की भी जानकारी दी जाए ताकि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई में रुचि लें।
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शिक्षकों से यह अपेक्षा की गई है कि वे बच्चों की कम उपस्थिति के कारणों की पहचान कर, स्थानीय जरूरतों के अनुसार समाधान तलाशें। इस अभियान के माध्यम से न केवल उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास होगा, बल्कि बच्चों को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों तक पहुंचाना भी प्राथमिकता होगी।