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अमेठी से था बिरजू महाराज का गहरा नाता

Mon, 17 Jan 2022 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:09 PM IST
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Birju Maharaj had a deep connection with Amethi
24 : जामो : स्कूल में लगा उद्घाटन का शिलापट। -संवाद - फोटो : AMETHI
गौरीगंज/जामो (अमेठी)। प्रख्यात कथक नर्तक व पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत बृजमोहन मिश्र उर्फ बिरजू महाराज का अमेठी से गहरा नाता था। उनका बचपन जामो के पूरे राघव पंडित स्थित उनके नाना के घर बीता। बिरजू के नाना-नानी के अलावा मामा-मामी उन पर जान लुटाते थे। सोमवार को बिरजू महाराज की आकस्मिक मौत की सूचना गांव पहुंची तो मातम पसर गया।
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कथक नृत्य की प्रस्तुति से देश-विदेश में नाम रोशन करने वाले बृजमोहन मिश्र उर्फ बिरजू महाराज का ननिहाल जामो क्षेत्र के गांव पूरे राघव पंडित मजरे बघैया कमालपुर में है। 1938 में जन्मे बिरजू महाराज बचपन में अक्सर मां महादेवी के साथ ननिहाल आते रहे। यहां उन्हें नाना बाल गोविंद त्रिपाठी, नानी सूरसती, मामा भगौती प्रसाद व मामी मोना देवी का खासा स्नेह मिलता था।
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इसी स्नेह से बंधे बिरजू अक्सर अपने नाना के घर खिंचे आते। बचपन से ही कथक की ट्रेनिंग ले रहे बिरजू महाराज जब भी ननिहाल आते ममेरे भाई अशोक व त्रिपुरारी को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते। नाना-नानी व मामा-मामी की मौत के बाद बिरजू महाराज का जामो आना-जाना धीरे-धीरे कम होता गया।
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बिरजू के ममेरे भाई त्रिपुरारी बताते हैं कि भैया जब भी आते गांव में तकरीबन सभी घरों में जाते और लोगों से मिलकर उनका हालचाल जानने की कोशिश करते थे। कथक नृत्य में बुलंदी हासिल करने के बाद भी बिरजू जब जी होता अपने ननिहाल आ जाते। पद्म विभूषण से अलंकृत कथक नर्तक व गायन-वादन की कई अन्य विधाओं में माहिर बिरजू महाराज अंतिम बार वर्ष 2008 में ननिहाल आए थे।
ननिहाल मेें रखी स्कूल की आधारशिला
ननिहाल के लोगों के अलावा क्षेत्र के लोग गीत संगीत व नृत्य के क्षेत्र में कुछ कर सकें इसके लिए बिरजू महाराज ने दो अप्रैल 1994 को कालिका बिन्दादीन पारंपरिक कथक नटवरी लोक नृत्य कला केंद्र की स्थापना की। इस स्कूल में मौजूदा समय 50 से 60 विद्यार्थी नृत्य के साथ गायन-वादन की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

पूरे परिवार से था लगाव
बिरजू महाराज के ममेरे भाई व कथक नृत्य के अलावा गायन व वादन के प्रख्यात कलाकार त्रिपुरारी महाराज बताते हैं कि वे जब भी यहां आते पूरे परिवार को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते। उन्हीं की प्रेरणा से न सिर्फ हम दोनों भाई बल्कि हम दोनों भाइयों के तीन पुत्र अभय महाराज, प्रेमदत्त महाराज व कृष्णदत्त महाराज विदेश तक में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन कर चुके हैं।

25 : जामो : ममेरे भाइयों के साथ बिरजू महाराज। -संवाद

25 : जामो : ममेरे भाइयों के साथ बिरजू महाराज। -संवाद- फोटो : AMETHI

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