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उद्घाटन के 80 दिन बाद भी बंद पड़ा आयुष अस्पताल

Wed, 24 Nov 2021 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:12 PM IST
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Ayush Hospital remained closed even after 80 days of inauguration
अमेठी। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के गांव बेनीपुर में बना 50 शैय्या का एकीकृत आयुष चिकित्सालय संचालन की बाट जोह रहा है। उद्घाटन के 80 दिन बाद भी आयुष अस्पताल न तो विभाग को हैंडओवर हो सका और न ही इसका संचालन ही शुरू हो सका। संचालन शुरू न होने से लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं।
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सरकार की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं पर पानी की तरह पैसा खर्च किया जा रहा है। विलुप्त होती जा रही आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथी, नेचुरोपैथी, योग व सिद्ध आदि विधाओं को प्रदेश व देश में पुनर्जीवित करते हुए वृहद स्तर पर अस्पतालों का संचालन कराए जाने को लेकर व्यवस्था की जा रही है। इसी कवायद के तहत बेनीपुर गांव में 7.25 करोड़ रुपये की लागत से 50 शैय्या के एकीकृत आयुष चिकित्सालय के निर्माण के लिए वर्ष 2018 में धनराशि अवमुक्त हुई थी।
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कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। चार सितंबर 2021 को अमेठी दौरे पर आईं स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और स्थानीय विधायक गरिमा सिंह ने 50 शैय्या के आयुष चिकित्सालय का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के 80 दिन पूरे होने के बाद भी आयुष चिकित्सालय विभाग को हैंडओवर नहीं हो सका है। आयुष चिकित्सालय के उद्घाटन के बाद भी संचालन न होने से लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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ब्लॉक के गांव बेनीपुर में बनकर तैयार हुए 50 शैय्या के एकीकृत आयुष चिकित्सालय में आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथी, पंचकर्म सेंटर, नेचुरोपैथी, योग व सिद्ध आदि के माध्यम से मरीजों का उपचार किया जाएगा। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शिव नाथ पांडेय ने बताया कि इन विधाओं के माध्यम से मरीजों का उपचार किया जाएगा।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शिव नाथ पांडेय ने बताया कि 50 शैय्या का एकीकृत आयुष चिकित्सालय भवन बनकर तैयार है लेकिन अभी तक सत्यापन आदि की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी है। इसलिए हैंडओवर की कार्यवाही भी पूरी नहीं हो सकी है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शिव नाथ पांडेय ने बताया कि प्रदेश में 50 शैय्या के 11 एकीकृत आयुष चिकित्सालय बने हैं। इनमें चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की तैनाती को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि एकीकृत आयुष अस्पताल में डॉ. मो. इरशाद की तैनाती सीएमएस के रूप में की गई है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने बताया कि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिकित्सालय को सामान एवं अन्य उपकरण मिल जाएंगे। कर्मचारियों की तैनाती होने के बाद दिसंबर के प्रथम सप्ताह में एकीकृत आयुष चिकित्सालय के संचालन की उम्मीद है।
स्थानीय निवासी डॉ. अवधेश मिश्र ने कहा कि आयुष चिकित्सालय का संचालन शुरू न होने से लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका संचालन जल्द शुरू कराया जाना चाहिए।

हरीश कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार की ओर से तैयारी पूरी किए बिना अस्पताल का उद्घाटन कर दिया गया। लोग अपना इलाज कराने चार किलोमीटर दूर चल कर जाते हैं। संचालन न होने से मायूस होकर वापस लौट जाते हैं।
डॉ. धनंजय सिंह ने कहा कि अस्पताल का संचालन जल्द शुरू कराया जाए। इसका संचालन न होने से लोगों को सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करने का मौका मिल रहा है।
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