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Amethi News: विमानन विवि को प्रशिक्षण के लिए मिले दो विमान
Mon, 02 Mar 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:40 AM IST
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फुरसतगंज के राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय में मौजूद प्रशिक्षण के लिए मिला विमान।
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फुरसतगंज। राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय को शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार में महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ने प्रशिक्षण और अध्ययन के लिए दो विमान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इनमें से एक विमान विश्वविद्यालय परिसर पहुंच चुका है, जबकि दूसरा शीघ्र आने की सूचना है।
विश्वविद्यालय परिसर में विमान उपलब्ध होने से एविएशन साइंस और एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अध्ययन का अवसर मिलेगा। छात्र अब विमान की संरचना, कॉकपिट व्यवस्था, इंजन प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरणों को नजदीक से समझ सकेंगे। इससे कक्षा शिक्षण और प्रयोगात्मक अध्ययन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा। विद्यार्थियों को वास्तविक विमान पर अध्ययन का अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी समझ और विश्लेषण क्षमता विकसित होगी।
पाठ्यक्रम के विभिन्न घटकों को व्यवहारिक रूप में समझने में सहूलियत मिलेगी। कुलपति प्रोफेसर भृगुनाथ सिंह ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिसर में विमान की उपलब्धता से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उद्योग और शिक्षण संस्थान के बीच संबंध मजबूत होंगे। अधिकारियों के अनुसार दूसरा विमान प्राप्त होने के बाद प्रशिक्षण व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। इससे संस्थान में अध्ययनरत छात्रों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और विमानन क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में प्रगति होगी।
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विश्वविद्यालय परिसर में विमान उपलब्ध होने से एविएशन साइंस और एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अध्ययन का अवसर मिलेगा। छात्र अब विमान की संरचना, कॉकपिट व्यवस्था, इंजन प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरणों को नजदीक से समझ सकेंगे। इससे कक्षा शिक्षण और प्रयोगात्मक अध्ययन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा। विद्यार्थियों को वास्तविक विमान पर अध्ययन का अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी समझ और विश्लेषण क्षमता विकसित होगी।
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पाठ्यक्रम के विभिन्न घटकों को व्यवहारिक रूप में समझने में सहूलियत मिलेगी। कुलपति प्रोफेसर भृगुनाथ सिंह ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिसर में विमान की उपलब्धता से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उद्योग और शिक्षण संस्थान के बीच संबंध मजबूत होंगे। अधिकारियों के अनुसार दूसरा विमान प्राप्त होने के बाद प्रशिक्षण व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। इससे संस्थान में अध्ययनरत छात्रों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और विमानन क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में प्रगति होगी।
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