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उरी में हुए हिमस्खलन में शहीद हुआ अमेठी का लाल
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अमेठी। काश्मीर के बारामूला जिला स्थित उरी में शनिवार को ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन होने से जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के गूंगेमऊ गांव निवासी उत्तम सिंह शहीद हो गये। रविवार को रेजीमेंट से भाई को सूचना मिलने पर परिवारीजनों के साथ ही क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। भाई प्रवीण की मानें तो रेजीमेंट की ओर से उत्तम का शव सोमवार तक आवास पहुंचाने की बात कही गई है।
जगदीशपुर के गूंगेमऊ गांव निवासी उत्तम सिंह करीब 10 वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुए थे। सितंबर 2018 में 11 महार रजीमेंट में नायक पद पर इनका स्थानांतरण जम्मू के बारामूला जिला स्थित उरी में हुआ था। उत्तम करीब डेढ़ माह का अवकाश पूरा कर 15 जनवरी को ड्यूटी पर वापस गए थे।
शनिवार को ड्यूटी के दौरान बर्फ की चट्टान खिसकने से उत्तम (35) उसी के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। रविवार बाद दोपहर रेजीमेंट की ओर से उत्तम के भाई प्रवीण सिंह को हादसे की सूचना दी गई।
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जानकारी मिलते ही परिवारीजनों के साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। इसी बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए परिवार को मदद का आश्वासन दिया है। सूचना आम होते ही उत्तम के घर पर सांत्वना देने वालों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
आधिकारिक सूचना मिलने के बाद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव, एएसपी दयाराम सरोज, सीओ संतोष सिंह, एसएचओ राजेश सिंह भी शहीद के घर पहुंचकर परिवारीजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
शहीद उत्तम सिंह ही घर के अकेले कमाऊ थे। ऐसे में उत्तम के कंधों पर ही घर चलाने की जिम्मेदारी थी। उत्तम के पिता दान बहादुर की पिछले दिनों ही मौत हो चुकी है। घर पर मां साबरमती सिंह, पत्नी रागिनी सिंह, पुत्र निर्वाण सिंह (नौ) तथा पार्थ सिंह (सात) के साथ ही भाई प्रवीण सिंह हैं। प्रवीण घर पर ही खेती का काम करते हैं। उत्तम की शहादत के बाद पूरा कुनबे पर पहाड़ टूट पड़ा है।
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जगदीशपुर के गूंगेमऊ गांव निवासी उत्तम सिंह करीब 10 वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुए थे। सितंबर 2018 में 11 महार रजीमेंट में नायक पद पर इनका स्थानांतरण जम्मू के बारामूला जिला स्थित उरी में हुआ था। उत्तम करीब डेढ़ माह का अवकाश पूरा कर 15 जनवरी को ड्यूटी पर वापस गए थे।
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शनिवार को ड्यूटी के दौरान बर्फ की चट्टान खिसकने से उत्तम (35) उसी के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। रविवार बाद दोपहर रेजीमेंट की ओर से उत्तम के भाई प्रवीण सिंह को हादसे की सूचना दी गई।
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जानकारी मिलते ही परिवारीजनों के साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। इसी बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए परिवार को मदद का आश्वासन दिया है। सूचना आम होते ही उत्तम के घर पर सांत्वना देने वालों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
आधिकारिक सूचना मिलने के बाद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव, एएसपी दयाराम सरोज, सीओ संतोष सिंह, एसएचओ राजेश सिंह भी शहीद के घर पहुंचकर परिवारीजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
शहीद उत्तम सिंह ही घर के अकेले कमाऊ थे। ऐसे में उत्तम के कंधों पर ही घर चलाने की जिम्मेदारी थी। उत्तम के पिता दान बहादुर की पिछले दिनों ही मौत हो चुकी है। घर पर मां साबरमती सिंह, पत्नी रागिनी सिंह, पुत्र निर्वाण सिंह (नौ) तथा पार्थ सिंह (सात) के साथ ही भाई प्रवीण सिंह हैं। प्रवीण घर पर ही खेती का काम करते हैं। उत्तम की शहादत के बाद पूरा कुनबे पर पहाड़ टूट पड़ा है।