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Amethi News: बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल
Sat, 05 Aug 2023 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 05 Aug 2023 12:04 AM IST
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गौरीगंज(अमेठी)। बच्चों को पेट में कीड़े की बीमारी से बचाने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 9,83,232 को बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीएम राकेश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में बताया कि बच्चों में बढ़ते कुपोषण की रोकथाम, शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम, 17 अगस्त को मॉक-अप दिवस का आयोजित होगा।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ओर अभियान में एक से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को पेट के कीड़े मारने के लिए एल्बेंडाजाेल की गोली खिलाई जाएगी। बताया कि जिले में 983232 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 1182700 एल्बेंडाजोल की गोलियां प्राप्त हो चुकी हैं। सीडीओ सान्या छाबड़ा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय शर्मा, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डीआईओएस रीता सिंह, बीएसए संजय कुमार तिवारी, डीपीओ संतोष श्रीवास्तव व डीपीआरओ श्रीकांत यादव समेत सभी संबंधित अधिकारी व एमओआईसी मौजूद रहे।
क्यों आवश्यक है यह दवा
सीएमओ ने बताया कि यह दवा पूर्णतया सुरक्षित है। जो बच्चे स्वस्थ दिखें, उन्हें भी ये खिलाई जानी है। कृमि संक्रमण का प्रभाव कई बार बहुत वर्षों बाद स्पष्ट दिखाई देता है। दवा से पेट के कीड़े मरते हैं, इसलिए कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी या पेट दर्द जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं। बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या कोई अन्य दवा ले रहे हैं उनको ये दवाई नहीं खिलाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि शरीर में कृमि संक्रमण से शरीर और दिमाग का संपूर्ण विकास नहीं होता है। कुपोषण और खून की कमी होने से हमेशा थकावट रहती है। भूख नहीं लगना, बेचैनी, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त व वजन में कमी आने जैसी समस्याएं हो जाती हैं। बच्चों में सीखने की क्षमता में कमी और भविष्य में कार्यक्षमता में कमी आ सकती है।
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सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ओर अभियान में एक से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को पेट के कीड़े मारने के लिए एल्बेंडाजाेल की गोली खिलाई जाएगी। बताया कि जिले में 983232 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 1182700 एल्बेंडाजोल की गोलियां प्राप्त हो चुकी हैं। सीडीओ सान्या छाबड़ा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय शर्मा, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डीआईओएस रीता सिंह, बीएसए संजय कुमार तिवारी, डीपीओ संतोष श्रीवास्तव व डीपीआरओ श्रीकांत यादव समेत सभी संबंधित अधिकारी व एमओआईसी मौजूद रहे।
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क्यों आवश्यक है यह दवा
सीएमओ ने बताया कि यह दवा पूर्णतया सुरक्षित है। जो बच्चे स्वस्थ दिखें, उन्हें भी ये खिलाई जानी है। कृमि संक्रमण का प्रभाव कई बार बहुत वर्षों बाद स्पष्ट दिखाई देता है। दवा से पेट के कीड़े मरते हैं, इसलिए कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी या पेट दर्द जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं। बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या कोई अन्य दवा ले रहे हैं उनको ये दवाई नहीं खिलाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि शरीर में कृमि संक्रमण से शरीर और दिमाग का संपूर्ण विकास नहीं होता है। कुपोषण और खून की कमी होने से हमेशा थकावट रहती है। भूख नहीं लगना, बेचैनी, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त व वजन में कमी आने जैसी समस्याएं हो जाती हैं। बच्चों में सीखने की क्षमता में कमी और भविष्य में कार्यक्षमता में कमी आ सकती है।