{"_id":"68925b95e5832a768e0825ff","slug":"after-the-ministers-rebuke-the-injured-youth-was-sent-to-the-hospital-and-died-amethi-news-c-96-1-lu11010-146113-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: तत्काल में मारामारी से चुनौती बनी जम्मू की यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: तत्काल में मारामारी से चुनौती बनी जम्मू की यात्रा
Thu, 07 Aug 2025 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:07 AM IST
विज्ञापन
सिंहपुर लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर सड़क हादसे में घायल को एंबुलेस से अस्पताल भिजवाते राज्यमंत्री।
सिंहपुर (अमेठी)। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर मंगलवार सुबह अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसी दौरान प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा उधर से निकले। उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को मदद न करने पर फटकार लगाई और घायल को तुरंत हैदरगढ़ सीएचसी भेजवाया। लेकिन उनका ये प्रयास काम न आया और इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
बाजार शुकुल थाना के पूरे कुशहरियन मजरे महोना पश्चिम निवासी राहुल सिंह (26) मंगलवार सुबह इन्हौंना अपनी बहन के घर जा रहे थे। वह घर से पैदल ही निकले थे। हैदरगढ़-इन्हाैंना बाॅर्डर पर हजारीगंज के पास मंगलवार सुबह हाईवे पार करते समय वाराणसी की तरफ से आ रहे वाहन से राहुल को टक्कर लग गई। वह हाईवे पर ही गंभीर रूप से घायल होकर तड़पने लगे। राहगीरों ने भी उन्हें हाईवे के किनारे नहीं किया।
घटनास्थल से कुछ दूरी पर इन्हौंना की पुलिस प्रभारी मंत्री के एस्कार्ट (अनुरक्षण) के लिए खड़ी थी। पुलिसकर्मी मदद के लिए आगे नहीं आए। घटना के करीब 10 मिनट बाद मंत्री बाॅर्डर पर पहुंचे और घटनास्थल पर भीड़ देखी तो रुक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने पुलिसवालों को फटकारा। इस बीच किसी ने कॉल करके एंबुलेंस बुला ली थी, जिससे घायल को बाराबंकी की हैदरगढ़ सीएचसी भेजा गया जहां जख्मी की मौत हो गई।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष बोले-एंबुलेंस वालों की गलती
थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह का कहना है कि हादसे में राहुल की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने काॅल करके एंबुलेंस बुलाई थी, लेकिन राहुल के शव को ले जाने से एंबुलेंस कर्मी मना कर रहे थे। इसी बीच मंत्री वहां आ गए। उन्होंने फटकारा तो एंबुलेंस वाले बॉडी ले गए। इसमें पुलिसकर्मियों की कोई गलती नहीं थी।
रक्षाबंधन के पहले इकलौते भाई को खोया
बाजार शुकुल (अमेठी)। पूरे कुशहरियन मजरे महोना पश्चिम गांव के राहुल सिंह (26) के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उनकी इकलौती बहन मालती है, जिनकी शादी इन्हौंना में हुई है। वह मंगलवार को उन्हीं के घर जा रहा था। राहुल की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। बहन की शादी के बाद वह गांव में अपने दादा राम प्रसाद सिंह के साथ रहते थे। मालती को जब दुखद खबर मिली तो वह बेहोश हो गई। परिवार के लोगों ने किसी तरह उसे संभाला। रक्षाबंधन के पहले भाई को खोने के गम में वह सुध-बुध खो बैठी।
विज्ञापन
बाजार शुकुल थाना के पूरे कुशहरियन मजरे महोना पश्चिम निवासी राहुल सिंह (26) मंगलवार सुबह इन्हौंना अपनी बहन के घर जा रहे थे। वह घर से पैदल ही निकले थे। हैदरगढ़-इन्हाैंना बाॅर्डर पर हजारीगंज के पास मंगलवार सुबह हाईवे पार करते समय वाराणसी की तरफ से आ रहे वाहन से राहुल को टक्कर लग गई। वह हाईवे पर ही गंभीर रूप से घायल होकर तड़पने लगे। राहगीरों ने भी उन्हें हाईवे के किनारे नहीं किया।
विज्ञापन
घटनास्थल से कुछ दूरी पर इन्हौंना की पुलिस प्रभारी मंत्री के एस्कार्ट (अनुरक्षण) के लिए खड़ी थी। पुलिसकर्मी मदद के लिए आगे नहीं आए। घटना के करीब 10 मिनट बाद मंत्री बाॅर्डर पर पहुंचे और घटनास्थल पर भीड़ देखी तो रुक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने पुलिसवालों को फटकारा। इस बीच किसी ने कॉल करके एंबुलेंस बुला ली थी, जिससे घायल को बाराबंकी की हैदरगढ़ सीएचसी भेजा गया जहां जख्मी की मौत हो गई।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष बोले-एंबुलेंस वालों की गलती
थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह का कहना है कि हादसे में राहुल की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने काॅल करके एंबुलेंस बुलाई थी, लेकिन राहुल के शव को ले जाने से एंबुलेंस कर्मी मना कर रहे थे। इसी बीच मंत्री वहां आ गए। उन्होंने फटकारा तो एंबुलेंस वाले बॉडी ले गए। इसमें पुलिसकर्मियों की कोई गलती नहीं थी।
रक्षाबंधन के पहले इकलौते भाई को खोया
बाजार शुकुल (अमेठी)। पूरे कुशहरियन मजरे महोना पश्चिम गांव के राहुल सिंह (26) के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उनकी इकलौती बहन मालती है, जिनकी शादी इन्हौंना में हुई है। वह मंगलवार को उन्हीं के घर जा रहा था। राहुल की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। बहन की शादी के बाद वह गांव में अपने दादा राम प्रसाद सिंह के साथ रहते थे। मालती को जब दुखद खबर मिली तो वह बेहोश हो गई। परिवार के लोगों ने किसी तरह उसे संभाला। रक्षाबंधन के पहले भाई को खोने के गम में वह सुध-बुध खो बैठी।