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Amethi News: राजकीय नर्सिंग कॉलेज में 60 सीटों पर मिलेगा प्रवेश
Mon, 21 Sep 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:41 AM IST
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तिलोई स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज भवन। स्रोत : विभाग
तिलोई। पूरे गोबरे में निर्माणाधीन राजकीय नर्सिंग कॉलेज में कक्षा संचालन को शासन ने मंजूरी दे दी है। इससे जिले में पहली बार सरकारी स्तर पर बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। सत्र 2027-28 से कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी है। करीब डेढ़ एकड़ में 1.33 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है।
शासन की मंजूरी के बाद कॉलेज संचालन से जुड़ी तैयारियां तेज की जाएंगी। प्रवेश प्रक्रिया समेत अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के कारण विद्यार्थियों को अस्पताल में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इससे उन्हें मरीजों की देखभाल, नर्सिंग सेवाओं और अस्पताल के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा।
जिले में सरकारी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू होने से विद्यार्थियों को दूसरे जिलों में जाने की जरूरत कम होगी। सरकारी सीटों पर प्रवेश मिलने से निजी संस्थानों पर निर्भरता भी घट सकती है। स्थानीय स्तर पर पढ़ाई होने से विद्यार्थियों को आवास, भोजन और आवागमन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बच सकेगा।
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सरकारी कॉलेज में सीट मिलने से विद्यार्थियों को निजी संस्थानों की अपेक्षाकृत अधिक फीस से राहत मिल सकती है। जिले में ही पढ़ाई होने से दूसरे शहर में रहने का खर्च भी बचेगा।
एएनएम-जीएनएम पाठ्यक्रम की भी संभावना
कॉलेज शुरू होने के बाद बीएससी नर्सिंग के अलावा एएनएम, जीएनएम और अन्य प्रमाणपत्र व डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि, इनके संचालन के लिए संबंधित स्तर से अलग-अलग स्वीकृति जरूरी होगी।
निर्माण अंतिम चरण में
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। शासन से कक्षा संचालन की मंजूरी मिल गई है। सत्र 2027-28 से कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी है।
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शासन की मंजूरी के बाद कॉलेज संचालन से जुड़ी तैयारियां तेज की जाएंगी। प्रवेश प्रक्रिया समेत अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के कारण विद्यार्थियों को अस्पताल में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इससे उन्हें मरीजों की देखभाल, नर्सिंग सेवाओं और अस्पताल के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा।
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जिले में सरकारी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू होने से विद्यार्थियों को दूसरे जिलों में जाने की जरूरत कम होगी। सरकारी सीटों पर प्रवेश मिलने से निजी संस्थानों पर निर्भरता भी घट सकती है। स्थानीय स्तर पर पढ़ाई होने से विद्यार्थियों को आवास, भोजन और आवागमन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बच सकेगा।
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सरकारी कॉलेज में सीट मिलने से विद्यार्थियों को निजी संस्थानों की अपेक्षाकृत अधिक फीस से राहत मिल सकती है। जिले में ही पढ़ाई होने से दूसरे शहर में रहने का खर्च भी बचेगा।
एएनएम-जीएनएम पाठ्यक्रम की भी संभावना
कॉलेज शुरू होने के बाद बीएससी नर्सिंग के अलावा एएनएम, जीएनएम और अन्य प्रमाणपत्र व डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि, इनके संचालन के लिए संबंधित स्तर से अलग-अलग स्वीकृति जरूरी होगी।
निर्माण अंतिम चरण में
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। शासन से कक्षा संचालन की मंजूरी मिल गई है। सत्र 2027-28 से कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी है।