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किसानों की करीब एक हजार बीघा फसल डूबी
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07 : जायस : बरसात बाद मटटन नाले का बढ़ा जलस्तर। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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जायस (अमेठी)। पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र से निकलने वाला मट्टन नाला इन दिनों उफान पर है। बढ़े जलस्तर से कई गांव के किसानों की करीब एक हजार बीघा फसल डूब गई है। फसल चौपट होने की आशंका से किसान परेशान हैं। एसडीएम ने संबंधित कानूनगो व लेखपाल से डूबी फसलों की रिपोर्ट तलब की है।
रायबरेली से निकलकर प्रतापगढ़ जिले की सई नदी में मिलने वाला मटटन नाला बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों के बीच से होकर गुजरता है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद नाला उफान पर है। इसमें कई गांव के सैकड़ों किसानों की करीब एक हजार बीघा फसल डूब गई है।
पिछले सप्ताह भर से अधिक समय से फसल डूबने से किसानों को फसलों के बर्बाद होने की आशंका सता रही है। किसान पिछले कई दिनों से अधिकारियों से जलनिकासी की व्यवस्था कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
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एसडीएम तिलोई श्रद्धा सिंह ने जलनिकासी के लिए नहर परियोजना अधिकारी को निर्देश दिया है। एसडीएम ने ब्लॉक क्षेत्र के कानूनगो एवं लेखपालों से नाले के पानी में डूबी फसलों के नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट मांगी है।
इन गांवों के किसान प्रभावित
नाले में बढ़े जलस्तर से ग्राम पंचायत उड़वा, दौलतपुर सिंहरिया, सराय महेशा, फरीदपुर, परवर, बाबू का पुरवा, पहलेपार, पूरेरूसा, मोहना, पूरे उदवत, टिकरा, डपका, मुबारकपुर मुखेतिया, मोजमगंज, पूरे कोलई, खरौली, पूरे चौहान, पूरे फत्ते, मवई आलमपुर, पूरे गंगाराम, जायस व जवाहरगंज सहित बड़ी संख्या में गांव जलमग्न हैं।
सफाई नहीं होने से उपजे हालात
आलमपुर निवासी रामराज, मो. बसीर, मोबीन, रामसिंह, रामकुमार वर्मा अनुसार पांच वर्ष बाद नाले का पानी इतना अधिक बढ़ा जिससे के कारण फसल नष्ट हो गई हैं। वहीं खरौली गांव निवासी हरभान सिंह, राममिलन सिंह, अशोक शर्मा, मनीष सिंह व घनश्याम वर्मा ने बताया कि इस बार नाले की सफाई नहीं कराई गई है। सफाई नहीं होने से नाला जाम हो गया है। ऐसे में इस पानी फसलें नष्ट कर रहा है। वहीं कुछ किसानों का कहना है कि आधे-अधूरे नाले की सफाई कर पैसा हजम कर लिया गया है।
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रायबरेली से निकलकर प्रतापगढ़ जिले की सई नदी में मिलने वाला मटटन नाला बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों के बीच से होकर गुजरता है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद नाला उफान पर है। इसमें कई गांव के सैकड़ों किसानों की करीब एक हजार बीघा फसल डूब गई है।
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पिछले सप्ताह भर से अधिक समय से फसल डूबने से किसानों को फसलों के बर्बाद होने की आशंका सता रही है। किसान पिछले कई दिनों से अधिकारियों से जलनिकासी की व्यवस्था कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
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एसडीएम तिलोई श्रद्धा सिंह ने जलनिकासी के लिए नहर परियोजना अधिकारी को निर्देश दिया है। एसडीएम ने ब्लॉक क्षेत्र के कानूनगो एवं लेखपालों से नाले के पानी में डूबी फसलों के नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट मांगी है।
इन गांवों के किसान प्रभावित
नाले में बढ़े जलस्तर से ग्राम पंचायत उड़वा, दौलतपुर सिंहरिया, सराय महेशा, फरीदपुर, परवर, बाबू का पुरवा, पहलेपार, पूरेरूसा, मोहना, पूरे उदवत, टिकरा, डपका, मुबारकपुर मुखेतिया, मोजमगंज, पूरे कोलई, खरौली, पूरे चौहान, पूरे फत्ते, मवई आलमपुर, पूरे गंगाराम, जायस व जवाहरगंज सहित बड़ी संख्या में गांव जलमग्न हैं।
सफाई नहीं होने से उपजे हालात
आलमपुर निवासी रामराज, मो. बसीर, मोबीन, रामसिंह, रामकुमार वर्मा अनुसार पांच वर्ष बाद नाले का पानी इतना अधिक बढ़ा जिससे के कारण फसल नष्ट हो गई हैं। वहीं खरौली गांव निवासी हरभान सिंह, राममिलन सिंह, अशोक शर्मा, मनीष सिंह व घनश्याम वर्मा ने बताया कि इस बार नाले की सफाई नहीं कराई गई है। सफाई नहीं होने से नाला जाम हो गया है। ऐसे में इस पानी फसलें नष्ट कर रहा है। वहीं कुछ किसानों का कहना है कि आधे-अधूरे नाले की सफाई कर पैसा हजम कर लिया गया है।