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Amethi News: हवन-पूजन स व्यक्ति को मिलता है आत्मिक बल
Wed, 12 Mar 2025 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 12 Mar 2025 12:07 AM IST
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अमेठी। तहसील क्षेत्र के खेदा पुन्नपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया। इसके बाद मंगलवार को हवन-पूजन हुआ। इसमें शामिल श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। मुख्य यजमान कमला शंकर पांडेय, यजमान मुन्ना पांडेय, गुड्डू पांडेय, मारकंडेय मिश्र, मनोज मिश्र, शीतला पांडेय, बद्री पांडेय आदि ने हवन किया।
इस दौरान प्रवाचक मुकेश आनंद महाराज ने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों के बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं।
प्रवाचक ने कहा कि प्रत्येक हिंदू को धर्म में प्रबल आस्था रखते हुए दैनिक हवन करना चाहिए। भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। हवन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। भंडारा बुधवार को किया जाएगा।
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इस दौरान प्रवाचक मुकेश आनंद महाराज ने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों के बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं।
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प्रवाचक ने कहा कि प्रत्येक हिंदू को धर्म में प्रबल आस्था रखते हुए दैनिक हवन करना चाहिए। भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। हवन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। भंडारा बुधवार को किया जाएगा।
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