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Amethi News: सीएचसी में रोज आते 600 मरीज, विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं
Wed, 07 Oct 2026 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:49 AM IST
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अमेठी सीएचसी में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। -संवाद
अमेठी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी की ओपीडी में रोजाना 600 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। करीब तीन लाख की आबादी और 50 ग्राम पंचायतों वाले तहसील क्षेत्र के इस प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इससे बच्चों और चोट-फ्रैक्चर के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। एक्सरे की सुविधा होने के बावजूद हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से जांच के बाद भी मरीजों को आगे के उपचार के लिए बाहर जाना पड़ता है।
बुखार, सांस लेने में परेशानी और संक्रमण जैसी समस्याओं से पीड़ित बच्चों को लेकर अभिभावक सीएचसी पहुंचते हैं। तीमारदार सीमा ने बताया कि बच्चे को बुखार होने पर सीएचसी लाए थे। बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिलने पर दूसरे अस्पताल जाना पड़ा। अभिभावक राजेश ने कहा कि बच्चों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा सीएचसी में ही होनी चाहिए।
गिरने या चोट लगने के बाद मरीजों को सीएचसी में एक्सरे की सुविधा मिल जाती है, मगर हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से आगे के उपचार के लिए दूसरे अस्पताल जाना पड़ता है। मरीज रमेश ने बताया कि पैर में चोट के बाद एक्सरे कराया, मगर विशेषज्ञ नहीं मिलने से बाहर जाना पड़ा। मरीज अजय ने कहा कि विशेषज्ञ की तैनाती होने पर चोट और फ्रैक्चर के मरीजों को जांच के बाद उपचार के लिए दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। दोनों विशेषज्ञों की तैनाती होने से मरीजों को सीएचसी में ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि परचा काउंटर के पास बेंच लगवाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
परचा काउंटर पर बेंच की कमी
सीएचसी में मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद परचा काउंटर के पास बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच नहीं होने से मरीजों को अपनी बारी के इंतजार में खड़े रहना पड़ता है।
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बुखार, सांस लेने में परेशानी और संक्रमण जैसी समस्याओं से पीड़ित बच्चों को लेकर अभिभावक सीएचसी पहुंचते हैं। तीमारदार सीमा ने बताया कि बच्चे को बुखार होने पर सीएचसी लाए थे। बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिलने पर दूसरे अस्पताल जाना पड़ा। अभिभावक राजेश ने कहा कि बच्चों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा सीएचसी में ही होनी चाहिए।
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गिरने या चोट लगने के बाद मरीजों को सीएचसी में एक्सरे की सुविधा मिल जाती है, मगर हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से आगे के उपचार के लिए दूसरे अस्पताल जाना पड़ता है। मरीज रमेश ने बताया कि पैर में चोट के बाद एक्सरे कराया, मगर विशेषज्ञ नहीं मिलने से बाहर जाना पड़ा। मरीज अजय ने कहा कि विशेषज्ञ की तैनाती होने पर चोट और फ्रैक्चर के मरीजों को जांच के बाद उपचार के लिए दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। दोनों विशेषज्ञों की तैनाती होने से मरीजों को सीएचसी में ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि परचा काउंटर के पास बेंच लगवाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
परचा काउंटर पर बेंच की कमी
सीएचसी में मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद परचा काउंटर के पास बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच नहीं होने से मरीजों को अपनी बारी के इंतजार में खड़े रहना पड़ता है।