{"_id":"614b6cf28ebc3e0548591f02","slug":"38-drinking-water-schemes-will-be-reorganized-amethi-news-lko5967799149","type":"story","status":"publish","title_hn":"38 पेयजल योजनाओं का होगा पुनर्गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
38 पेयजल योजनाओं का होगा पुनर्गठन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी। जिले के 12 ब्लॉकों में बनीं 38 पेयजल परियोजनाएं आंशिक व पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। इनके पुनर्गठन के लिए कार्यदायी संस्था नामित है लेकिन 10 माह बीतने पर भी सर्वेक्षण व डीपीआर तैयार करने का कार्य पूरी तरह शिथिल है। जिले के उच्चाधिकारियों की ओर से सर्वेक्षण व डीपीआर तैयार करने के संबंध में पत्राचार किया जा रहा है।
जिले में 80 और 90 के दशक में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए जाने को लेकर निर्मित पानी की टंकियां आंशिक व पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। इनमें जिले की 12 ब्लॉकों की 38 पेयजल परियोजनाएं शामिल हैं। इसके के चलते लोगों को करोड़ों की लागत से बनी परियोजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन की ओर से सभी ब्लॉकों की पेयजल परियोजनाओं के पुनर्गठन के लिए गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड तथा रैमके इंफ्रास्ट्रक्चर को नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था नामित हुए करीब 10 माह बीत गए लेकिन अभी तक सर्वे व अन्य कार्य पूरा नहीं हुआ।
विज्ञापन
सर्वे एवं डीपीआर तैयार होने के बाद ही बंद पड़ी परियोजनाओं के पुनर्गठन का कार्य शुरू हो सकेगा। सर्वे एवं डीपीआर तैयार करने के संबंध में जल निगम विभाग एवं डीएम की ओर से संबंधित नामित कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया लेकिन हालात जस के तस बने हैं।
जल निगम के एक्सईएन डीपी सिंह ने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत पूर्व निर्मित पेयजल योजनाओं का पुनर्गठन किया जाना है। नामित कार्यदायी संस्था द्वारा सर्वे एवं डीपीआर तैयार किया जाना है। इसके संबंध में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है। कार्य शिथिल पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
जिले में 80 और 90 के दशक में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए जाने को लेकर निर्मित पानी की टंकियां आंशिक व पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। इनमें जिले की 12 ब्लॉकों की 38 पेयजल परियोजनाएं शामिल हैं। इसके के चलते लोगों को करोड़ों की लागत से बनी परियोजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन की ओर से सभी ब्लॉकों की पेयजल परियोजनाओं के पुनर्गठन के लिए गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड तथा रैमके इंफ्रास्ट्रक्चर को नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था नामित हुए करीब 10 माह बीत गए लेकिन अभी तक सर्वे व अन्य कार्य पूरा नहीं हुआ।
विज्ञापन
सर्वे एवं डीपीआर तैयार होने के बाद ही बंद पड़ी परियोजनाओं के पुनर्गठन का कार्य शुरू हो सकेगा। सर्वे एवं डीपीआर तैयार करने के संबंध में जल निगम विभाग एवं डीएम की ओर से संबंधित नामित कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया लेकिन हालात जस के तस बने हैं।
जल निगम के एक्सईएन डीपी सिंह ने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत पूर्व निर्मित पेयजल योजनाओं का पुनर्गठन किया जाना है। नामित कार्यदायी संस्था द्वारा सर्वे एवं डीपीआर तैयार किया जाना है। इसके संबंध में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है। कार्य शिथिल पड़ा हुआ है।