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जिले में अब तक आए 26 हजार प्रवासी श्रमिक
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गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना महामारी के बीच घोषित लॉकडाउन अवधि में गैर प्रांतों में फंसे करीब 26 हजार प्रवासी श्रमिक अब तक जिले में आ चुके हैं। जिला प्रशासन ऐसे लोगों को चिन्हित कराकर उनका अस्थाई राशन कार्ड बनवाने के साथ ही रोजगार मुहैया कराने के लिए मनरेगा योजना के तहत जॉब कार्ड बनाने की कवायद में जुटा है।
कोरोना महामारी के शुरूआती दौर में 25 मार्च से 30 अप्रैल तक जिले में करीब आठ हजार तो एक मई से अब तक करीब 1800 प्रवासी श्रमिक जिले में पहुंचे हैं। जिला प्रशासन ने ऐसे श्रमिकों को भोजन मुहैया कराने के अस्थाई राशन कार्ड बनाने की कवायद शुरू कराई है। ऐसे लोगों को घर पर ही रोजगार मुहैया कराने के लिए मनरेगा योजना के तहत जॉब कार्ड भी बनाने का निर्देश दिया गया है। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिनका राशन कार्ड नहीं है या यूनिट कट गई हो तो उसकी भी सूचना लेकर अपलोड कराई जा रही है।
गांव में जो प्रवासी श्रमिक पहुंच रहे हैं उसका श्रम विभाग से पंजीकरण कराकर सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। कहा कि ऐसे लोगों का मनरेगा योजना के तहत जॉबकार्ड बनाने का भी निर्देश दिया गया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कार्य प्रारंभ करा दिए गए हैं।
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ग्राम पंचायतों के अलावा नहर, सिंचाई आदि विभाग की ओर से भी शिल्ट सफाई समेत समस्त कच्चे कार्य मनरेगा योजना से कराने का निर्देश संबंधित विभागाध्यक्षों को दे दिया गया है। सीएम के निर्देश पर जिले के अन्त्योदय, मनरेगा मजदूरों, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों तथा शहरी क्षेत्रों में घुमन्तू प्रकृति के श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से अब तक 94.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
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कोरोना महामारी के शुरूआती दौर में 25 मार्च से 30 अप्रैल तक जिले में करीब आठ हजार तो एक मई से अब तक करीब 1800 प्रवासी श्रमिक जिले में पहुंचे हैं। जिला प्रशासन ने ऐसे श्रमिकों को भोजन मुहैया कराने के अस्थाई राशन कार्ड बनाने की कवायद शुरू कराई है। ऐसे लोगों को घर पर ही रोजगार मुहैया कराने के लिए मनरेगा योजना के तहत जॉब कार्ड भी बनाने का निर्देश दिया गया है। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिनका राशन कार्ड नहीं है या यूनिट कट गई हो तो उसकी भी सूचना लेकर अपलोड कराई जा रही है।
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गांव में जो प्रवासी श्रमिक पहुंच रहे हैं उसका श्रम विभाग से पंजीकरण कराकर सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। कहा कि ऐसे लोगों का मनरेगा योजना के तहत जॉबकार्ड बनाने का भी निर्देश दिया गया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कार्य प्रारंभ करा दिए गए हैं।
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ग्राम पंचायतों के अलावा नहर, सिंचाई आदि विभाग की ओर से भी शिल्ट सफाई समेत समस्त कच्चे कार्य मनरेगा योजना से कराने का निर्देश संबंधित विभागाध्यक्षों को दे दिया गया है। सीएम के निर्देश पर जिले के अन्त्योदय, मनरेगा मजदूरों, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों तथा शहरी क्षेत्रों में घुमन्तू प्रकृति के श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से अब तक 94.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।