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Amethi News: मेले में 1877 मरीजों का इलाज
Mon, 30 Mar 2026 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:20 AM IST
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भटगवां पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेले में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। -संवाद
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अमेठी सिटी। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। रविवार को जिले के 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 49 चिकित्सक और 255 पैरामेडिकल कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। मेले में 1877 मरीजों का उपचार किया गया। इसके साथ ही 59 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। वहीं गंभीर स्थिति वाले नौ मरीजों को उच्च केंद्र भेजा गया।
मौसम परिवर्तन के चलते सबसे अधिक सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज सामने आए। चिकित्सकों का कहना है कि दिन में तेज धूप और शाम को ठंड रहने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस कारण लोग जल्दी बीमार हो रहे हैं। कई मरीजों में खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत भी देखी गई।
पीएचसी भटगवां में 12:20 बजे आयोजित जन आरोग्य मेले में खांसी, बुखार, हड्डी दर्द, पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों की भीड़ रही। डॉ. मनीष जायसवाल मरीजों का उपचार करते नजर आए। यहां पहुंचे मरीजों को दवा दी गई और आवश्यक जांच की सलाह दी गई। आठ लोगों की शुगर जांच भी की गई। मरीजों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि बदलते मौसम में परेशानी बढ़ गई है।
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सुमन, चंद्रावती और शकरुन्निशा ने बताया कि उन्हें पैरों में दर्द, गैस और बुखार की समस्या थी। मेले में दवा मिलने के बाद तीन दिन बाद फिर से जांच कराने को कहा गया है। रंगीलाल ने बताया कि कई दिनों से बुखार से परेशान थे, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा था। मेले में उपचार मिलने पर कुछ राहत मिली है। चिकित्सकों ने जरूरत पड़ने पर आगे जांच कराने की सलाह दी है।
कुमारी देवी ने बताया कि पूरे शरीर में दर्द था और खासकर हड्डियों में ज्यादा तकलीफ हो रही थी। खाने की इच्छा भी नहीं हो रही थी। मेले में दवा दी गई और खून की जांच कराने के लिए कहा गया है। उन्हें तीन दिन बाद दोबारा दिखाने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है। समय पर इलाज कराने और खानपान का ध्यान रखने को कहा गया है, ताकि बीमारी से बचा जा सके।
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मौसम परिवर्तन के चलते सबसे अधिक सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज सामने आए। चिकित्सकों का कहना है कि दिन में तेज धूप और शाम को ठंड रहने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस कारण लोग जल्दी बीमार हो रहे हैं। कई मरीजों में खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत भी देखी गई।
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पीएचसी भटगवां में 12:20 बजे आयोजित जन आरोग्य मेले में खांसी, बुखार, हड्डी दर्द, पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों की भीड़ रही। डॉ. मनीष जायसवाल मरीजों का उपचार करते नजर आए। यहां पहुंचे मरीजों को दवा दी गई और आवश्यक जांच की सलाह दी गई। आठ लोगों की शुगर जांच भी की गई। मरीजों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि बदलते मौसम में परेशानी बढ़ गई है।
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सुमन, चंद्रावती और शकरुन्निशा ने बताया कि उन्हें पैरों में दर्द, गैस और बुखार की समस्या थी। मेले में दवा मिलने के बाद तीन दिन बाद फिर से जांच कराने को कहा गया है। रंगीलाल ने बताया कि कई दिनों से बुखार से परेशान थे, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा था। मेले में उपचार मिलने पर कुछ राहत मिली है। चिकित्सकों ने जरूरत पड़ने पर आगे जांच कराने की सलाह दी है।
कुमारी देवी ने बताया कि पूरे शरीर में दर्द था और खासकर हड्डियों में ज्यादा तकलीफ हो रही थी। खाने की इच्छा भी नहीं हो रही थी। मेले में दवा दी गई और खून की जांच कराने के लिए कहा गया है। उन्हें तीन दिन बाद दोबारा दिखाने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है। समय पर इलाज कराने और खानपान का ध्यान रखने को कहा गया है, ताकि बीमारी से बचा जा सके।