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मनरेगा से कृषि पर खर्च हुए 11.28 करोड़ रुपये
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03 : गौरीगंज : तिलोई ब्लॉक के कूरा गांव में खेत समतलीकरण का काम करते मनरेगा मजदूर। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। मनरेगा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में बेरोजगारों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने की कवायद तेजी से चल रही है। 65 दिनों में मनरेगा योजना के तहत अकेले कृषि कार्यों पर ही 11.28 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं।
वित्तीय वर्ष 2022-23 शुरू होते ही मनरेगा योजना के तहत जिले के बेरोजगारों को उनके गांव में ही रोजगार मुहैया कराने कवायद शुरू करा दी गई है। सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने सभी बीडीओ को जिले की सभी 682 ग्राम पंचायतों में कम से कम एक कार्य मनरेगा योजना के तहत संचालित कराने का निर्देश दिया।
सीडीओ के निर्देश पर गांवों में मनरेगा योजना के तहत कार्य भी शुरू करा दिए गए। गर्मी के सीजन में ज्यादातर खेत खाली रहने के चलते उनके समतलीकरण का कार्य अभियान के रूप में कराया गया। अप्रैल से अब तक मनरेगा योजना के तहत अकेले कृषि कार्यों पर 11 करोड़, 28 लाख 25 हजार रुपये खर्च किये जा चुके हैं।
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इन 65 दिनों में मनरेगा योजना पर खर्च कुल राशि में से कृषि कार्य का खर्च 71.18 प्रतिशत है। इसके तहत गांव के चयनित ऐसे किसानों के खेतों का समतलीकरण कराया गया जिनके खेत ऊबड़-खाबड़ थे। समतलीकरण के साथ ही उन खेतों की मेड़बंदी का भी कार्य कराया गया।
धान रोपाई का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। बारिश भी अभी नहीं शुरू हुई है। ऐसे में प्रस्ताव में शामिल अन्य किसानों के खेतों के समतलीकरण का कार्य अभियान के रूप में कराया जा रहा है।
नियमानुसार कराया जा रहा कार्य
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि मनरेगा योजना का कार्य पूरे जिले में मानक व नियम के अनुरूप कराया जा रहा है। गांव के विकास के लिए कच्चा व पक्का कार्य के साथ ही कृषि संबंधी कार्य भी कराए जा रहे हैं। इसमें किसानों के खेतों का समतलीकरण आदि कार्य कराया जा रहा है। मनरेगा योजना के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। गांव के बेरोजगारों को उनके गांव में ही रोजगार मुहैया कराना प्राथमिकता में है।
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वित्तीय वर्ष 2022-23 शुरू होते ही मनरेगा योजना के तहत जिले के बेरोजगारों को उनके गांव में ही रोजगार मुहैया कराने कवायद शुरू करा दी गई है। सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने सभी बीडीओ को जिले की सभी 682 ग्राम पंचायतों में कम से कम एक कार्य मनरेगा योजना के तहत संचालित कराने का निर्देश दिया।
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सीडीओ के निर्देश पर गांवों में मनरेगा योजना के तहत कार्य भी शुरू करा दिए गए। गर्मी के सीजन में ज्यादातर खेत खाली रहने के चलते उनके समतलीकरण का कार्य अभियान के रूप में कराया गया। अप्रैल से अब तक मनरेगा योजना के तहत अकेले कृषि कार्यों पर 11 करोड़, 28 लाख 25 हजार रुपये खर्च किये जा चुके हैं।
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इन 65 दिनों में मनरेगा योजना पर खर्च कुल राशि में से कृषि कार्य का खर्च 71.18 प्रतिशत है। इसके तहत गांव के चयनित ऐसे किसानों के खेतों का समतलीकरण कराया गया जिनके खेत ऊबड़-खाबड़ थे। समतलीकरण के साथ ही उन खेतों की मेड़बंदी का भी कार्य कराया गया।
धान रोपाई का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। बारिश भी अभी नहीं शुरू हुई है। ऐसे में प्रस्ताव में शामिल अन्य किसानों के खेतों के समतलीकरण का कार्य अभियान के रूप में कराया जा रहा है।
नियमानुसार कराया जा रहा कार्य
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि मनरेगा योजना का कार्य पूरे जिले में मानक व नियम के अनुरूप कराया जा रहा है। गांव के विकास के लिए कच्चा व पक्का कार्य के साथ ही कृषि संबंधी कार्य भी कराए जा रहे हैं। इसमें किसानों के खेतों का समतलीकरण आदि कार्य कराया जा रहा है। मनरेगा योजना के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। गांव के बेरोजगारों को उनके गांव में ही रोजगार मुहैया कराना प्राथमिकता में है।