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Ambedkar Nagar: 200 गांवों में मनरेगा ठप, काम न मिलने से मजदूर परेशान

Tue, 06 Sep 2022 04:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 06 Sep 2022 04:16 PM IST
सार

अंबेडकरनगर के 200 गांवों में मनरेगा का काम ठप है। जिससे की मजदूर परेशान है। लोग बारिश के मौसम के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके कारण विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

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Work under MNREGA stalled in 200 villages in ambedkar nagar.
पंचायत भवन। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मनरेगा के तहत लगभग दो सौ गांवों में काम ठप पड़ा है। दरअसल बारिश के चलते कहीं तालाबों में पानी भरा है तो कहीं चकमार्गों पर अवैध कब्जे के चलते फसल खड़ी है। पुराने कार्यों का भुगतान न होने से भी मजदूर किनारा कसे हुए हैं। इसके चलते तमाम गांवों में मनरेगा के तहत काम हो पाना कठिन हो गया है। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। सोमवार को टीम ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का जायजा लिया तो कुछ इस प्रकार की समस्याएं सामने आईं।

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नारी मेहनाजपुर: मजदूरों को काम का इंतजार
जलालपुर विकास खंड के नारीपुर मेहनाजपुर ग्रामसभा में टीम पहुंची तो चारों तरफ अव्यवस्थाएं ही मिलीं। मनरेगा मजदूर संतराम व फिरतू ने कहा कि लगभग एक माह से मनरेगा के तहत काम ठप पड़ा हुआ है। मजदूरों को काम मिलने का इंतजार है। काम न मिलने से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान अशोक कुमार ने कहा कि गांव में विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। शीघ्र ही नए कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
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मुरवाह: मजदूरों को खर्च चलाना मुश्किल
जलालपुर तहसील क्षेत्र के मुरवाह गांव में भी मनरेगा के तहत कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। मजदूर सेवाराम व संतराम ने कहा कि बारिश का मौसम प्रारंभ होने से पहले ही योजना के तहत कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। सुचारु रूप से कार्य न मिलने पर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। फिलहाल काम शुरू होने की उम्मीद भी नहीं दिखती। ऐसे में अब दूसरा काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार नेे कहा कि तालाब का सौंदर्यीकरण होना है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
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गोविंदापुर: पुराने काम का नहीं हुआ भुगतान
भीटी तहसील क्षेत्र के गोविंदापुर गांव में टीम पहुंची तो गांव के मजदूर गिरिजाशंकर व मदनलाल ने कहा कि लगभग दो माह से मनरेगा के तहत कार्य नहीं हुआ है। काम न मिलने से आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। इसे लेकर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। ग्राम प्रधान सीता वर्मा ने कहा कि पुराना जो कार्य कराया गया था, उसका भुगतान अब तक नहीं हो सका है। इसके चलते नया काम नहीं कराया जा रहा है। पुराना भुगतान होते ही नया काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।

इटवा तेजापुर: दूसरी जगह कर रहे मजदूरी
भीटी विकास खंड के इटवा तेजापुर गांव में मौजूदा समय में मनरेगा के तहत काम ठप पड़ा है। इससे मनरेगा मजदूरों के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। मजदूर अशोक व कृष्णचंद्र ने कहा कि लंबे समय से मनरेगा के तहत कार्य न होने से घर का खर्च चलाने के लिए अन्यत्र मजदूरी करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान अनुराधा सिंह ने कहा कि चकमार्ग पर धान की फसल खड़ी होने के चलते निर्माण नहीं हो रहा है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।


नए नियम से कामों में आएगी तेजी
मनरेगा उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मिश्र का कहना है कि मनरेगा के तहत होने वाले काम को लेकर शासन द्वारा जो नई गाइडलाइन जारी की गई है, उससे योजना के तहत होने वाले काम में तेजी आएगी। ग्रामसभा में ही वर्क आईडी व मस्टर रोल तैयार किया जाएगा। ऐसे में मनरेगा मजदूरों के भुगतान में आसानी होगी।
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