फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Whoever does not love my tricolor...

जिसको भी तिरंगे से मेरे प्यार नहीं है...

Sun, 09 Jan 2022 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jan 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
Whoever does not love my tricolor...
भीटी (अंबेडकरनगर)। ग्रामर्षि पं. रामकुमार पांडेय की पुण्यतिथि के अवसर पर सया पीजी कॉलेज में एक शाम ग्रामर्षि के नाम कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि जमुना उपाध्याय ने की। कॉलेज प्रबंधक व पूर्व सांसद हरिओम पांडेय ने कवियों को सम्मानित किया। इस दौरान कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को गुदगुदाने के साथ ही सामाजिक परिस्थितियों पर तंज भी कसा।
विज्ञापन

कवि सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना के साथ प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. निरुपमा श्रीवास्तव ने की। दिल्ली से आए कवि उपेंद्र पांडेय के देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत निगाहें झुकतीं सजदे में वहां सम्मान क्या होगा, वतन पर जां लुटाने से बड़ा सम्मान क्या होगा। सरहदों पर निछावर कर के खुद को बस कहा इतना, तिरंगा खुद लिपटकर नेह दे आराम क्या होगा। ओज कवि अभय सिंह निर्भीक ने भारत भू का नक्शा पूरा करने की तैयारी है, 370 खत्म हुआ अब पीओके की बारी है, कविता पढ़कर लोगों में जोश भर दिया।
विज्ञापन

प्रयागराज से आयीं कवयित्री मणिकर्णिका दुबे ने अपनी रचना पढ़कर कि तुम हंसते हो तो लगता है हंसता है संसार, तुम्हें कैसे न करते प्यार, यह गीत सुनाकर युवाओं को गुदगुदाने का प्रयास किया। दिल्ली के प्रख्यात कवि अमन अक्षर ने श्रीराम को समर्पित अपनी रचना सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम हैं, भाव सूचियां बहुत हैं भाव सिर्फ राम हैं, पढ़कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। गोरखपुर के कवि सत्यशील राम त्रिपाठी ने अपनी श्रृंगारिक रचना पढ़ी। जिले के युवा कवि अजय उपाध्याय ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं के दिलों में उतरने का प्रयास किया। पढ़ा कि दिल धड़क उठे किसी एतबार पर यू सज संवर के आए हैं अपनी मजार पर।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रयागराज के हास्य कवि बिहारीलाल अंबर ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को हंसने पर मजबूर कर दिया। आदमी में अगर आदमी की तरह आदमी इतना आए तो मैं क्या करूं, देखने में भला खूबसूरत हूं मैं तेरी नियत में आऊं तो मैं क्या करूं। इस पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं। बाराबंकी के कवि विकास बौखल ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। राजस्थान के कवि कुंवर जावेद ने अपनी कविताओं से समा बांध दिया।
कवयित्री सुनीता पाठक आभा ने पढ़ा कि जिसको भी तिरंगे से मेरे प्यार नहीं है, रहने का उसे देश में अधिकार नहीं है, वंदे मातरम् का कर रहे विरोध वो अपनी ही कौम के वफादार नहीं है। ओज कवि रामभदावर ने अपनी कविता पढ़ते हुए कहा कि इस मातृभूमि में जन्म लिया, जिससे ऊंचा हो गया मान, जिस धरती पर आने को लालायित रहते हैं भान।

कवि डॉ. वेदप्रकाश द्विवेदी, कमलेशराज हंस, शशिकांत यादव ने अपनी रचनाओं से समा बांध दिया। संचालन इंदौर के शशिकांत यादव ने किया। प्रबंधक पूर्व सांसद हरिओम पांडेय ने कवियों व अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस मौके पर मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा, प्राचार्य डॉ. राकेशचंद्र तिवारी, डॉ. अनुपम पांडेय, डॉ. चंद्रप्रकाश मिश्रा, मुख्य नियंता डॉ. दिनेश मिश्र, डॉ. कमलेश यादव, शिवशंकर मिश्रा, लेफ्टिनेंट डॉ. हरीश सिंह व दिनेेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed