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धनराशि न होने से 48 केंद्रों पर गेहूं खरीद ठप

Tue, 13 Apr 2021 11:07 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Apr 2021 11:07 PM IST
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Wheat procurement halted at 48 centers due to lack of funds
अंबेडकरनगर। गेहूं खरीद में धनाभाव बड़ी बाधा बन रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 4 एजेंसियों के 65 क्रय केंद्रों की तुलना में 48 केंद्रों पर धनाभाव के चलते गेहूं की खरीद का कार्य पूरी तरह ठप है। मात्र 17 क्रय केंद्रों पर ही खरीद का कार्य चल रहा है। गेहूं की धीमी खरीद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 12 दिनों में मात्र 348 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है। पीसीएफ के केंद्रों पर उपज की बिक्री के लिए प्रतिदिन किसान पहुंच तो रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इससे किसानों में नाराजगी व्याप्त होने लगी है। उनका कहना है कि केंद्रों पर बिक्री न होने से उन्हें आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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जिले में गेहूं खरीद का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण धनाभाव है। पीसीएफ के 48 केंद्रों पर मौजूदा समय में गेहूं खरीद पूरी तरह ठप है। एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद का कार्य जिले के 65 केंद्रों पर प्रारंभ हुआ था। किसानों को गेहूं की उपज की बिक्री करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पीसीएफ के 48, खाद्य विभाग के 15, मंडी समिति के 1 व भारतीय खाद्य निगम के 1 केंद्र की स्थापना की गई थी। इस बार जिले को खरीद का लक्ष्य नहीं दिया गया है। अव्यवस्थाओं के बीच एक अप्रैल से प्रारंभ हुआ, जो अब तक जारी है।
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गेहूं खरीद को लेकर जिम्मेदारों की ओर से बरती जा रही लापरवाही व अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित पीसीएफ के 48 क्रय केंद्रों पर खरीद का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। कारण यह कि इन केंद्रों पर धन ही नहीं है। धनाभाव के चलते संबंधित केंद्रों पर गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है। नतीजा यह है कि किसान गेहूं की बिक्री करने के लिए संबंधित केंद्र पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है। इसी का नतीजा है कि 12 अप्रैल तक मात्र 348 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद अब तक हो सकी है।
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किसानों ने जताई नाराजगी
पीसीएफ के केंद्रों पर खरीद का कार्य पूरी तरह ठप होने से उपज लेकर जाने वाले किसानों को मायूसी हाथ लग रही है। इससे किसानों में नाराजगी व्याप्त है। भीटी के किसान रामसिंगार व घनश्याम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पीसीएफ के केंद्र पर गेहूं की खरीद न होने से उन्हें आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। संबंधित केंद्र पर सुचारु रूप से खरीद हो, इसे लेकर जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना होगा। आलापुर के जगदीश व मेवालाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिम्मेदारों से कई बार इस संबंध में शिकायत भी की गई, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है। नतीजा यह है कि उन्हें उपज की बिक्री के लिए विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उच्चाधिकारियों को भेजा पत्र
जिले में पीसीएफ के कुल 48 क्रय केंद्र स्थापित हैं। पूर्व में कुछ राशि संबंधित केंद्रों को प्राप्त हुई थी, जिससे बोरे खरीद लिए गए। धनाभाव के चलते खरीद का कार्य नहीं पा रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
- राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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