{"_id":"670c13e9c15e3d73fe0f0665","slug":"weak-students-will-become-proficient-in-mathematics-english-and-science-subjects-ambedkar-nagar-news-c-91-slko1001-122747-2024-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: गणित, अंग्रेजी, विज्ञान विषय में कमजोर विद्यार्थी बनेंगे निपुण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: गणित, अंग्रेजी, विज्ञान विषय में कमजोर विद्यार्थी बनेंगे निपुण
Mon, 14 Oct 2024 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 14 Oct 2024 12:09 AM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। राजकीय व सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में कक्षा नौ से 12वीं तक में अध्ययनरत कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनका बैद्धिक स्तर शिक्षक बढ़ाएंगे। इन छात्रों को विशेष प्रशिक्षण के जरिए शिक्षक गणित, अंग्रेजी, विज्ञान सहित अन्य विषयों में निपुण बनाया जाएगा। बोर्ड परीक्षा में सरकारी स्कूलों के छात्र भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें इसके लिए यह पहल की जा रही है।
कमजोर विद्यार्थियों को विद्यालयवार चिह्नित किया जा रहा है। जनपद में 32 राजकीय, 60 अशासकीय सहायता प्राप्त व 285 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें कक्षा छह से 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है। कक्षा 9 से 12वीं तक में 90 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें 20 हजार के करीब कमजोर श्रेणी के विद्यार्थी हैं। इनका सत्यापन किया जा रहा है। अक्सर देखने में आ रहा है कि कई राजकीय व एडेड विद्यालयों की छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा के दौरान अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। जबकि वित्तविहीन विद्यालयों के छात्र बेहतर प्रदर्शन के साथ ही मेरिट में भी आ रहे हैं।
इसे देखते हुए विभाग ने राजकीय व वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा नौ से 12वीं तक के सभी कक्षाओं में 25 प्रतिशत कमजोर छात्रों को चिह्नित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद इन छात्रों को अधिक समय देकर उन्हें पढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि इन्हें भी मेधावी बनाया जा सके। इसके लिए डीआइओएस ने सभी राजकीय व एडेड विद्यालयों को पत्र भेजा है। साथ ही इनकी सूची भी उपलब्ध कराने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमजोर विद्यार्थियों को विद्यालयवार चिह्नित किया जा रहा है। जनपद में 32 राजकीय, 60 अशासकीय सहायता प्राप्त व 285 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें कक्षा छह से 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है। कक्षा 9 से 12वीं तक में 90 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें 20 हजार के करीब कमजोर श्रेणी के विद्यार्थी हैं। इनका सत्यापन किया जा रहा है। अक्सर देखने में आ रहा है कि कई राजकीय व एडेड विद्यालयों की छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा के दौरान अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। जबकि वित्तविहीन विद्यालयों के छात्र बेहतर प्रदर्शन के साथ ही मेरिट में भी आ रहे हैं।
विज्ञापन
इसे देखते हुए विभाग ने राजकीय व वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा नौ से 12वीं तक के सभी कक्षाओं में 25 प्रतिशत कमजोर छात्रों को चिह्नित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद इन छात्रों को अधिक समय देकर उन्हें पढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि इन्हें भी मेधावी बनाया जा सके। इसके लिए डीआइओएस ने सभी राजकीय व एडेड विद्यालयों को पत्र भेजा है। साथ ही इनकी सूची भी उपलब्ध कराने को कहा है।
विज्ञापन