{"_id":"6aa192e2e91d921113053d47","slug":"young-man-dies-after-being-caught-in-a-shock-machine-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-164569-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: झटका मशीन की चपेट में आकर युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: झटका मशीन की चपेट में आकर युवक की मौत
विज्ञापन
धीरेंद्र सागर उर्फ भगत। (फाइल फोटो)
जलालपुर। जलालपुर क्षेत्र के पेठिया गांव में बुधवार शाम खेत में घास काटने गए धीरेंद्र सागर उर्फ भगत (33) की झटका मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। धीरेंद्र की मौत से पत्नी और तीन मासूम बेटियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। झटका मशीन किसने लगाई थी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश के अनुसार धीरेंद्र बुधवार शाम करीब चार बजे जानवरों के लिए घास काटने खेत की ओर गए थे। गांव के पास एक खेत में लगी झटका मशीन की चपेट में आने से उन्हें करंट लग गया और वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
धीरेंद्र मजदूरी कर पत्नी अलका और तीन बेटियों नैंसी (11), जाह्नवी (9) और रूबी (4) का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कठिन हो गई है। धीरेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे भाई हरिश्याम मुंबई में रहते हैं और घटना की सूचना मिलने के बाद घर लौट रहे हैं। माता-पिता का भी पहले ही निधन हो चुका है।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव ने बताया कि शव को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। तहरीर मिलने पर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश के अनुसार धीरेंद्र बुधवार शाम करीब चार बजे जानवरों के लिए घास काटने खेत की ओर गए थे। गांव के पास एक खेत में लगी झटका मशीन की चपेट में आने से उन्हें करंट लग गया और वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
धीरेंद्र मजदूरी कर पत्नी अलका और तीन बेटियों नैंसी (11), जाह्नवी (9) और रूबी (4) का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कठिन हो गई है। धीरेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे भाई हरिश्याम मुंबई में रहते हैं और घटना की सूचना मिलने के बाद घर लौट रहे हैं। माता-पिता का भी पहले ही निधन हो चुका है।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव ने बताया कि शव को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। तहरीर मिलने पर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।